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नीट परीक्षा और पेपर लीक के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और विपक्ष पर तीखा हमला बोला। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने आज भाजपा कार्यालय में आरोप लगाया कि राहुल गांधी और विपक्ष छात्रों की समस्याओं के समाधान के बजाय इस मुद्दे पर राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार इस मामले में सख्त कार्रवाई कर रही है और परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। ‘विपक्ष हताशा में अराजकता फैला रहा है’ संजय सरावगी ने कहा कि राहुल गांधी और पूरा विपक्ष हताशा और कुंठा से ग्रसित होकर देश में अराजकता का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य छात्रों के हितों की रक्षा करना नहीं, बल्कि राजनीतिक लाभ हासिल करना है। ‘यह राजनीति नहीं, छात्रों की समस्या के समाधान का समय’ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि नीट जैसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति करने के बजाय सभी दलों को छात्रों के हित में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह समय आरोप-प्रत्यारोप का नहीं, बल्कि छात्रों की समस्याओं का समाधान निकालने का है। ‘सरकार चर्चा को तैयार, विपक्ष भाग रहा’ संजय सरावगी ने कहा कि केंद्र सरकार संसद में नीट और पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। लेकिन विपक्ष चर्चा से बच रहा है और संसद की कार्यवाही बाधित कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी संसद को बंधक बनाकर रखना चाहते हैं। पेपर लीक मामलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट से होगी सुनवाई भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सुनवाई कराने का निर्णय लिया है। उनका कहना था कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उन्हें जल्द से जल्द सजा दिलाने की दिशा में सरकार काम कर रही है। ‘परीक्षाओं को लीक-प्रूफ बनाने के लिए उठाए गए कई कदम’ संजय सरावगी ने कहा कि मोदी सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि परीक्षा प्रणाली को लीक-प्रूफ बनाने, तकनीकी निगरानी बढ़ाने और अनियमितताओं पर कड़ी कार्रवाई के लिए केंद्र सरकार लगातार सुधार कर रही है। उन्होंने कहा, केंद्र सरकार की प्राथमिकता छात्रों का भविष्य सुरक्षित करना है। सरकार की ओर से उठाए गए कदमों से परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगेगी।
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