पटना के मुन्नाचक स्थित शंभू गर्ल्स हॉस्टल में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले में सीबीआई की जांच तेज हो गई है, लेकिन परिजनों ने जांच की दिशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। शनिवार को सीबीआई दफ्तर में मृतका के मामा से करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्होंने केंद्रीय एजेंसी पर लापरवाही और खानापूर्ति करने का आरोप लगाया। छात्रा के मामा ने पूछताछ के बाद मीडिया से कहा-नई आईओ विभा कुमारी वही पुराने सवाल दोहरा रही हैं, जो हम पटना पुलिस, एसआईटी और सीबीआई को 10 बार बता चुके हैं। सीबीआई हमसे ही घटना के साक्ष्य मांग रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रा के नाबालिग होने के बावजूद सीबीआई ने पॉक्सो की धाराओं के तहत केस दर्ज नहीं किया था। तब पवन श्रीवास्तव केस के आईओ थे। साथ ही, पिछले आईओ ने कोर्ट में हॉस्टल संचालक की जमानत का विरोध भी नहीं किया था। अगर सीबीआई ने सही से जांच नहीं की, तो हम जनता की अदालत में जाएंगे। हमारी बच्ची के साथ दरिंदगी हुई है। उसे न्याय मिलना चाहिए। केस की पृष्ठभूमि 6 जनवरी : छात्रा हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली थी। 11 जनवरी : इलाज के दौरान अस्पताल में मौत। पोस्टमार्टम : पीएमसीएच की रिपोर्ट में छात्रा से दुष्कर्म की पुष्टि हुई। अगली सुनवाई : 23 मार्च को पॉक्सो अदालत में होगी। डॉक्टर सतीश से सामना करने से इनकार सीबीआई ने प्रभात मेमोरियल अस्पताल के डॉ. सतीश को भी बुलाया था। हालांकि, छात्रा के मामा उनके साथ आमने-सामने बैठकर पूछताछ में शामिल नहीं हुए। कहा-डॉ. सतीश ने ही आरोप लगाया था कि छात्रा की हत्या परिवार वालों ने की है, हम उनके सामने नहीं बैठ सकते। आत्महत्या साबित करने की कोशिश : वकील परिजनों के अधिवक्ता एसके पांडे ने कहा कि सीबीआई परिजनों पर दबाव बना रही है कि वे आत्महत्या मान लें। उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक हॉस्टल संचालक मनीष रंजन को रिमांड पर लेकर पूछताछ क्यों नहीं की गई और न ही उसके मोबाइल की सीडीआर खंगाली गई। सीबीआई ने एक करीबी का फोटो दिखा कर पूछा
सीबीआई ने छात्रा के मामा को एक फोटो दिखाया। यह फोटो परिजनों के एक करीबी का था। उसकी स्नैपचैट भी सीबीआई को मिली है। इस लड़के के बारे में पटना पुलिस की एसआईटी भी पूछताछ कर चुकी है। करीबी लड़के का सैंपल भी एसआईटी ले चुकी है, लेकिन छात्रा के कपड़े से मिले स्पर्म के डीएनए से मैच नहीं किया। एसआईटी ने करीब 25 संदिग्धों का सैंपल लिया था, लेकिन किसी का डीएनए मैच नहीं किया। इन संदिग्धों की लिस्ट भी सीबीआई ने बनाई है। वहीं छात्रा के मोबाइल की सीडीआर भी नए सिरे से देखी जा रही है।
Source link