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आस्था के सबसे बड़े केंद्रों में से एक, गयाजी का ऐतिहासिक विष्णुपद मंदिर निर्जला एकादशी पर श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए पूरी तरह तैयार है। 25 और 26 जून को होने वाले इस महापर्व को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। इस बार भीषण गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए ठोस इंतजाम किए जा रहे हैं। डीएम शशांक शुभंकर और एसएसपी सुशील कुमार ने पूरी प्रशासनिक टीम के साथ विष्णुपद मंदिर, देवघाट और सूर्यकुंड का बारीकी से निरीक्षण किया और अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए है। विष्णुपद मंदिर के पुरोहितों के मुताबिक, 25 जून की सुबह 9:00 बजे से ही दूर-दराज से श्रद्धालुओं का आना शुरू हो जाएगा। दोपहर होते-होते भीड़ काफी बढ़ जाएगी। 25 जून की रात 11:00 बजे मंदिर के पट बंद होंगे और अगले दिन 26 जून की सुबह 03:00 बजे दोबारा खोल दिए जाएंगे। दूर-दराज से आने वाले हजारों श्रद्धालु 25 जून की पूरी रात मंदिर परिसर और देवघाट पर ही गुजारेंगे। इसके बाद 26 जून की सुबह 4:00 बजे मंगल आरती में शामिल होकर अपने घरों को लौटेंगे। फॉगिंग मशीन से होगी पानी की बौछार चिलचिलाती गर्मी को देखते हुए इस बार विशेष इंतजाम किए गए हैं। श्रद्धालुओं को झुलसाने वाली गर्मी से बचाने के लिए फॉगिंग (स्प्रिंकलर) मशीनों से लगातार पानी का छिड़काव किया जाएगा। धूप में पैर न जलें, इसके लिए पूरे मंदिर प्रांगण और घाट जाने वाले रास्तों पर टाट और कूलिंग मैट व दरियां बिछाई जाएंगी। देवघाट पर महिलाओं और पुरुषों के लिए बने सभी स्नानागार वाले झरनों को तुरंत चालू करने का आदेश दिया गया है। देवघाट पर स्थित 38 पुरुष टॉयलेट, 30 महिला टॉयलेट और 50 चेंजिंग रूम की सफाई के लिए नगर निगम के सफाईकर्मी आउटसोर्सिंग एजेंसी के साथ मिलकर दो शिफ्टों में लगातार काम करेंगे।
ब्लैक स्पॉट पर रहेगी एक्स्ट्रा लाइट डीएम के मुताबिक देवघाट और वहां तक जाने वाले रास्तों में जितने भी अंधेरे वाले हिस्से हैं, वहां अतिरिक्त लाइटें लगाई जाएं ताकि रात में श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो। भीषण गर्मी में पानी की किल्लत न हो, इसके लिए विष्णुपद क्षेत्र में तीन प्रमुख पॉइंट चिह्नित किए गए हैं, जहां पानी के टैंकर खड़े रहेंगे। इसके अलावा, सुधा डेयरी के माध्यम से शुद्ध और ठंडे पेयजल के टैंकर भी तैनात रहेंगे। डीएम ने अपर समाहर्ता को सख्त कहा है कि चूंकि श्रद्धालु रात में यहीं रुकेंगे इसलिए रात के समय भी टैंकरों में पानी की री-फिलिंग की मुकम्मल व्यवस्था रखी जाए ताकि पानी खत्म होते ही उसे तुरंत भरा जा सके।
बैरिकेडिंग, चप्पे-चप्पे पर पुलिस भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मंदिर परिसर में मजबूत रस्सियों से जिग-जैग बैरिकेडिंग की जाएगी, जिससे लोग बिना किसी अफरा-तफरी के कतार में लगकर दर्शन कर सकें। सुरक्षा के लिहाज से एसएसपी ने कहा कि विष्णुपद मंदिर, देवघाट और गजाधर घाट पर दिन और रात दोनों समय पुलिस बल तैनात रहेगा। पूरे परिसर और गर्भगृह में लगे सीसीटीवी कैमरों की मॉनिटरिंग के लिए मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की राउंड द क्लॉक ड्यूटी लगाई गई है। आपात स्थिति से निपटने के लिए देवघाट पर एम्बुलेंस के साथ मेडिकल टीम तैनात रहेगी, जिसके पास पर्याप्त मात्रा में ओआरएस और जरूरी दवाएं उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, एहतियात के तौर पर सूर्यकुंड में भी सुरक्षा और मैजिस्ट्रेट की प्रतिनियुक्ति की गई है।
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