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नालंदा की दो चचेरी बहनों का लाख में सौदा बीकानेर से रेस्क्यू माता पिता से मिलने पंजाब के लिए निकली थी महिला ब्रेन…




नालंदा की दो चचेरी बहनों का राजस्थान के बीकानेर में 3 लाख में सौदा कर दिया गया। 9 अप्रैल को नाबालिग के पिता ने अपनी बेटी और भतीजी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तकनीकी अनुसंधान के जरिए 30 अप्रैल को नाबालिगों का बीकानेर के नया शहर से रेस्क्यू किया। मामले में पुलिस ने दंपती समेत कुल 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार दंपती को ट्रांजिट रिमांड पर बिहार शरीफ लाया गया। जब इनसे पूछताछ की गई तो उनकी निशानदेही पर एक महिला और एक पुरुष को गिरफ्तार किया। इनके पास से छत्तीसगढ़ की एक लड़की को भी बरामद किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चितौड़गढ़ के रहने वाले दंपती राजेश कुमार व्यास और अंजलि कुमारी जबकि राजगीर के ब्रह्मकुंड से गिरफ्तार महिला की पहचान धनवंती देवी और पुरुष की पहचान पुरुषोत्तम कुमार के रूप में की गई है। दरअसल 13 और 14 साल की दोनों नाबालिग बहने घर से अपने माता-पिता के पास पंजाब जाने के लिए निकली थी। इसी बीच बिहार शरीफ स्टेशन पर ही वह महिला तस्कर जो मानव तस्करी से जुड़ी हुई है। उनके चंगुल में आ गई। लड़कियों को यहा प्रलोभन दिया गया कि वह महिला दोनों बच्चों को उसके माता-पिता के पास छोड़ आएगी। लेकिन पंजाब जाने के बजाए, उन्हें बीकानेर ले जाकर बेच दिया गया। पुलिस अब यह जांच में जुटी हुई है कि लड़कियों की तस्करी का उद्देश्य क्या था। क्या उनका इरादा यौन शोषण का था या फिर शादी विवाह या हाउस मेड के रूप में उनका इस्तेमाल करना। रहुई थाना क्षेत्र की नाबालिग लड़कियां 9 अप्रैल को हुई थीं गायब 9 अप्रैल को गायब दोनों नाबालिग रहुई थाना क्षेत्र के ग्राम बेसमक की रहने वाली हैं। सदर डीएसपी-2 संजय कुमार जायसवाल ने बताया कि एक नाबालिग के पिता ने अपनी 14 साल की बेटी और 13 साल की भतीजी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए नालंदा एसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया। तकनीकी अनुसंधान के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि दोनों बच्चियों का लोकेशन राजस्थान के बीकानेर में है। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बीकानेर के नया शहर थाना क्षेत्र में छापेमारी की, जहां से दोनों बच्चियों को बरामद कर मौके से राजस्थान के चित्तौड़गढ़ निवासी राजेश कुमार उर्फ राजू और उसकी पत्नी अंजलि कुमारी को गिरफ्तार कर लिया गया। नूरसराय की रहने वाली धनवंती देवी से 3 लाख में खरीदा था पूछताछ के दौरान गिरफ्तार दंपती ने स्वीकार किया कि उन्होंने इन बच्चियों को नालंदा के नूरसराय की रहने वाली धनवंती देवी उर्फ शोभा से तीन लाख रुपए में खरीदा था। पुलिस ने जब ट्रांजिट रिमांड पर दोनों को बिहार लाकर पूछताछ की, तो उनकी निशानदेही पर राजगीर से धनवंती देवी और उसके सहयोगी पुरुषोत्तम कुमार को दबोच लिया गया। गिरफ्तारी के वक्त इनके पास से रायपुर (छत्तीसगढ़) की एक तीसरी नाबालिग लड़की मिली, जिसे तस्करी के उद्देश्य से बंधक बनाकर रखा गया था। शोभा ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह आर्थिक रूप से कमजोर बच्चियों को बहला-फुसलाकर बाहरी राज्यों के तस्करों को बेच दिया करती थी। नाबालिग तीनों बच्चियां बिहारशरीफ कल्याण समिति को सुपुर्द किया पुलिस ने बरामद सभी तीन बच्चियों को बाल कल्याण समिति, बिहारशरीफ के सुपुर्द कर दिया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से चार स्मार्टफोन भी बरामद हुए हैं। वर्तमान में पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और पकड़े गए अपराधियों के बैंक खातों व पुराने आपराधिक इतिहास को खंगाल रही है ताकि इस सिंडिकेट की गहराई का पता लगाया जा सके।



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