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औरंगाबाद के भास्कर नगर दोमुहान स्थित सूर्य मंदिर और बतरे-बटाने नदी संगम स्थल पर छठ महापर्व की तैयारियां तेज हो गई हैं। गुरुवार शाम एसडीएम गौरव कुमार ने छठ घाट और मेला परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर और मेला समिति के सदस्यों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर निर्देश दिए। एसडीएम ने कहा कि छठ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने मेला परिसर में व्यवस्थित पार्किंग, पर्याप्त रोशनी, सुरक्षात्मक गेट और जगह-जगह कंट्रोल रूम बनाने का निर्देश दिया। शौचालय सहित अन्य सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया। बड़े झूले लगाने की अनुमति नहीं मेला समिति ने झूले और खेल-तमाशे लगाने का प्रस्ताव रखा। इस पर एसडीएम ने स्पष्ट किया कि छोटे झूले लगाए जा सकते हैं, लेकिन बड़े झूलों की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मनोरंजन के साधनों की व्यवस्था श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर ही की जाए। व्रतियों के लिए घाट पर बन रहे चेंजिंग रूम स्नान के बाद महिलाओं को कपड़े बदलने में होने वाली परेशानी को देखते हुए घाट परिसर में चेंजिंग रूम बनाए जा रहे हैं। समिति साफ-सफाई, रोशनी, आवागमन और श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था बेहतर करने में जुटी है। दो लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान सड़सा गांव के ग्रामीण कई वर्षों से दोमुहान संगम स्थल पर छठ मेले का आयोजन करते आ रहे हैं। सूर्य मंदिर की धार्मिक महत्ता और आवागमन की सुविधा के कारण यहां औरंगाबाद के अलावा आसपास के गांवों और झारखंड से श्रद्धालु पहुंचते हैं। इस बार दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। युवाओं को सौंपी गई मेले की जिम्मेदारी सूर्य मंदिर समिति के अध्यक्ष सिंहेश सिंह, सिद्धेश सिंह, गोपाल सिंह और धीरज सिंह ने बताया कि आयोजन में युवाओं को भी शामिल किया गया है। मेला आयोजन समिति में विक्की कुमार सिंह को अध्यक्ष, दीपक कुमार सिंह और प्रवीण कुमार सिंह को उपाध्यक्ष तथा सोनू कुमार सिंह को सचिव बनाया गया है। राहुल कुमार सिंह सहसचिव होंगे। सोनल कुमार सिंह, कृष कुमार और अभिनव कोषाध्यक्ष मंडल में शामिल हैं।समिति का लक्ष्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल में छठ पूजा का अवसर उपलब्ध कराना है।
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