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दक्षिण मुंबई के नरीमन पॉइंट पर गूंजी आदिवासियों की थाप उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने किया वनरंग का उद्घाटन…



महाराष्ट्र की आर्थिक राजधानी के सबसे प्रतिष्ठित व्यावसायिक और प्रशासनिक क्षेत्र नरीमन पॉइंट स्थित वाई. बी. चव्हाण सेंटर में शुक्रवार को तीन दिवसीय राज्यस्तरीय सांस्कृतिक एवं आर्थिक उत्सव ‘वनरंग 2026’ का अत्यंत भव्य और गरिमामय माहौल में शुभारंभ हुआ। इस बृहद आयोजन का औपचारिक उद्घाटन राज्य की उप मुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार के कर-कमलों द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह में राज्य के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) व विशेष सहायता मंत्री नरहरी झिरवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। सुदूर जंगलों, पहाड़ियों और दूरदराज के आदिवासी अंचलों में रची-बसी कला, हस्तशिल्प और समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को देश के सबसे महँगे और प्राइम लोकेशन पर स्थापित करने का यह आयोजन मुंबईकरों के लिए एक अनोखा और यादगार अनुभव बन गया है।  

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि ‘वनरंग’ केवल एक प्रदर्शनी या सांस्कृतिक मंच भर नहीं है, बल्कि यह सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले जनजातीय कलाकारों और मुंबई की मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था के बीच एक मजबूत और स्थायी सेतु निर्माण करने का एक संकल्प है। इस तीन दिवसीय महाकुंभ के केंद्र में भील, कोकणा, ठाकर और गोंड समुदाय की समृद्ध जीवनशैली, विरासत और उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को रखा गया है।  

बिचौलियों से मुक्ति और सीधे मौद्रिक लाभ पर बल 

आयोजन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके जरिए आदिवासी कारीगरों, वैद्यों, महिला स्वयं सहायता समूहों और कृषकों को बिना किसी बिचौलिए के सीधे ग्राहकों से जुड़ने का मौका दिया गया है। आमतौर पर ग्रामीण इलाकों में तैयार होने वाले हस्तशिल्प, पारंपरिक वारली और गोंड पेंटिंग्स, जैविक कृषि उत्पाद तथा प्राकृतिक औषधियां बिचौलियों के हाथों बेहद सस्ते दामों में बिक जाती हैं, जबकि शहरी बाजारों में उन्हें ऊँचे दामों पर बेचा जाता है। ‘वनरंग’ पहल के जरिए इस व्यवस्था को बदलकर उत्पादों की पूरी बिक्री का प्रत्यक्ष वित्तीय लाभ सीधे कारीगरों के बैंक खातों में पहुंचाने की व्यवस्था की गई है, जिससे जनजातीय परिवारों को स्थायी रोजगार और प्रोत्साहन मिल सके।  

महाराष्ट्र के आदिवासी नेता और मंत्री नरहरी झिरवाल की दूरदृष्टि और सतत प्रयास 

कार्यक्रम के दौरान जनजातीय समाज के विकास, अधिकारों और उनकी कला को राष्ट्रीय पहचान दिलाने में मंत्री नरहरी झिरवाल के व्यक्तिगत प्रयासों और नीतिगत योगदान की व्यापक सराहना की गई। मंत्री झिरवाल ने लगातार इस बात की पैरवी की है कि आदिवासी विकास की योजनाएँ केवल कागजी कागज़ात और घोषणाओं तक सीमित न रहकर जमीनी धरातल पर उतरनी चाहिए। उनके दूरदर्शी मार्गदर्शन के कारण ही आज महाराष्ट्र के सबसे पिछड़े अंचलों में भारत का पहला ‘ट्राइबल इंडस्ट्रियल क्लस्टर’ और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) आकार ले सका है, जिससे स्थानीय आदिवासी युवाओं के लिए शिक्षा और सीधे रोजगार के द्वार खुले हैं। इसके अतिरिक्त, खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आदिवासी एथलीटों, अपनी कला को सहेजने वाले उस्तादों, साहित्यकारों, वैद्यों और उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले छात्रों के लिए वित्तीय व संस्थागत सहायता तंत्र को पारदर्शी और मजबूत बनाने में भी मंत्री झिरवाल की भूमिका महत्वपूर्ण रही है।

 तीन दिनों तक दिखेगा जनजातीय प्रतिभाओं का संगम 

7 से 9 अगस्त तक सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक चलने वाले इस त्रिदिवसीय आयोजन में आगंतुकों के लिए विविध आकर्षण शामिल किए गए हैं। आयोजन स्थल पर महाराष्ट्र की 4 प्रमुख जनजातियों (भील, कोकणा, ठाकर, गोंड) के जीवन और इतिहास को दर्शाती भव्य प्रदर्शनियों के साथ-साथ महाराष्ट्र एवं भारत के 12 अन्य राज्यों से आए हस्तशिल्पों के प्रीमियम स्टॉल्स लगाए गए हैं।  
समारोह को और विशिष्ट बनाते हुए एनसीपीए (NCPA) के ठीक सामने मरीन ड्राइव पर प्रसिद्ध कलाकार चेतन राउत द्वारा जनजातीय मोज़ेक आर्ट इंस्टालेशन तैयार किया गया है। इसके अलावा, प्रख्यात फोटोग्राफर कोलस्टन जूलियन द्वारा पिछले 30 महीनों के दौरान खींची गई तस्वीरों पर आधारित ‘वनरंग फोटो बुक’ का विमोचन भी इस दौरान किया जा रहा है।  

‘जब जंगलों और पहाड़ों में पीढ़ियों से सहेजी गई कला को मुंबई के दिल यानी नरीमन पॉइंट पर सम्मान और बाज़ार मिलता है, तब वास्तविक अर्थों में सामाजिक न्याय और आत्मनिर्भरता का लक्ष्य हासिल होता है। यह प्रयास हमारे जनजातीय भाइयों-बहनों को गौरव और आर्थिक संबल दोनों प्रदान करेगा।’

कार्यशालाएं और ‘वनरंग अवॉर्ड्स’ का आकर्षण 

महोत्सव के तीनों दिन महत्वपूर्ण मास्टरक्लास और कार्यशालाओं का आयोजन किया गया है, जिसमें पद्मश्री राहीबाई पोपेरे (बीजमाता), पद्मश्री से सन्मानित तारपा वादक भिकल्या धिंडा तथा मई 2026 में माउंट एवरेस्ट फतह करने वाले महाराष्ट्र के पहले जनजातीय पर्वतारोही अनिल वसावे अपनी प्रेरक यात्रा साझा कर रहे हैं। इसके साथ ही अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित एथलीट कविता राउत व अन्य दिग्गजों के साथ जनजातीय खिलाड़ियों की चुनौतियों पर विचार-विमर्श तथा वारली व गोंड पेंटिंग की लाइव कार्यशालाएँ आयोजित हो रही हैं। 9 अगस्त को ताज के शेफ रघु देवरा के मार्गदर्शन में जनजातीय महिलाओं द्वारा तैयार पारंपरिक व्यंजनों का ‘ट्राइबल लंच’ भी परोसा जाएगा।  

समारोह के दौरान समाज में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए स्वदेश फाउंडेशन (1000 गांवों के विकास हेतु), पद्मश्री भिकलिया धिंडा (लाइफटाइम अचीवमेंट), पर्वतारोही अनिल वसावे (खेल) तथा आईएएस अधिकारी पी. अनबलगन (औद्योगिक क्रांति) को प्रतिष्ठित ‘वनरंग पुरस्कार 2026’ से सम्मानित किया जा रहा है। इस अवसर पर राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर, विधान परिषद सभापति राम शिंदे सहित कई गणमान्य जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहेंगे।

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