Newswahni

जमुई में बंदर का हिंदू रीति रिवाज से अंतिम संस्कार ग्रामीणों ने ढोल बाजे के साथ निकाली अंतिम यात्रा लगाए जय श्रीराम के…




जमुई जिले के खैरा प्रखंड के नवडीहा गांव में गुरुवार को एक अनोखी घटना सामने आई। यहां ग्रामीणों ने एक मृत बंदर का पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ अंतिम संस्कार किया। इस दौरान ढोल-बाजे के साथ शवयात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। जानकारी के अनुसार, गुरुवार को गांव के पास एक बंदर अचानक पेड़ से गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों ने बंदर को भगवान हनुमान का स्वरूप मानते हुए उसका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। इसके बाद गांव के लोगों ने चंदा एकत्र कर अंतिम संस्कार की व्यवस्था की। बंदर के शव को फूल-मालाओं से सजाकर एक ठेले पर रखा गया। ढोल-बाजे और जयकारों के बीच शवयात्रा नवडीहा गांव से जमुई-खैरा मुख्य मार्ग तक निकाली गई। इस यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण, बुजुर्ग, युवा और महिलाएं शामिल हुईं। रास्ते में कई लोगों ने रुककर बंदर के अंतिम दर्शन किए और श्रद्धांजलि अर्पित की। शवयात्रा के दौरान कुछ समय के लिए शव को सड़क किनारे भी रखा गया, जहां लोगों ने पुष्प अर्पित किए। कई दुकानदारों ने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल की व्यवस्था कर सामाजिक सहयोग का परिचय दिया। ग्रामीणों का कहना है कि उनके लिए बंदर केवल एक वन्यजीव नहीं, बल्कि भगवान हनुमान का प्रतीक है, इसलिए उसका सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार करना उनका धार्मिक और नैतिक दायित्व है। ग्रामीणों ने बताया कि अंतिम संस्कार के बाद मृत्यु भोज का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें गांव के लोग शामिल होंगे। ग्रामीण नेपाली गोस्वामी ने इस पहल पर कहा कि किसी भी जीव की मृत्यु के बाद उसका सम्मान किया जाना चाहिए। खैरा के नवडीहा गांव की यह अनोखी शवयात्रा आस्था, मानवीय संवेदना और सामाजिक सहभागिता का एक उदाहरण बन गई है, जिसकी चर्चा अब आसपास के क्षेत्रों में भी हो रही है।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

🏠
Home
🎬
मनोरंजन
💰
धन
🌦️
मौसम
📢
Latest News
×
Scroll to Top