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जमुई में संयुक्त किसान मोर्चा और संयुक्त ट्रेड यूनियन के राष्ट्रव्यापी आह्वान पर सोमवार को श्रमिकों, किसानों और विद्यालय रसोइयों ने प्रतिवाद मार्च निकाला। कचहरी चौक से शुरू होकर यह मार्च अंबेडकर चौक तक पहुंचा, जहां केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया गया। इस मार्च का नेतृत्व भाकपा माले के राज्य कमेटी सदस्य बाबू साहब सिंह ने किया। धरने की अध्यक्षता अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला सचिव मनोज कुमार पांडे ने की। देखें, मौके से आई तस्वीरें… रसोइयों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिले सभा को संबोधित करते हुए बाबू साहब सिंह ने कहा कि श्रमिकों के लंबे संघर्ष के बाद 44 श्रम कानून बने थे, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार श्रम कोड ने उनके अधिकारों को कमजोर कर दिया है। उन्होंने इन चारों श्रम कोड को वापस लेने, न्यूनतम मजदूरी की गारंटी देने और विद्यालय रसोइयों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की। कृषि व्यापार समझौते को रद्द करें भाकपा माले के जिला सचिव शंभू शरण सिंह ने देश में बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार पर चिंता व्यक्त की। सीपीआई के जिला सचिव सुनील सिंह ने भारत-अमेरिका कृषि व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग की, आरोप लगाया कि इससे देश की कृषि पर कॉरपोरेट कंपनियों का प्रभाव बढ़ेगा। भूमिहीन परिवार पांच डिसमिल जमीन भाकपा माले नेता संजय राय ने चकाई अंचल के बोगी पंचायत में गैरमजरूआ जमीन की कथित अवैध जमाबंदी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि हजारों भूमिहीन परिवार पांच डिसमिल जमीन के लिए भटक रहे हैं, जबकि सरकारी जमीन भूमाफिया के नाम दर्ज की जा रही है। उन्होंने ऐसी जमाबंदियों को रद्द कर भूमिहीनों को जमीन देने की मांग की। ट्रेड यूनियन नेता मोहम्मद हैदर ने विद्यालय रसोइयों के साथ कथित दुर्व्यवहार करने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई और रसोइयों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग दोहराई। इस मौके पर जयराम तुरी, ब्रह्मदेव ठाकुर, कल्लू मरांडी, प्रदीप मंडल, सूरज मोहन रावत, गजाधर रजक, कल्लू मांझी, अशोक मांझी, दीपमाला और किरण गुप्ता सहित कई अन्य लोग मौजूद थे।
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