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जमुई के बरहट प्रखंड स्थित कुकुरझप जलाशय में पर्याप्त पानी होने के बावजूद नहरों में सिंचाई के लिए जल नहीं छोड़ा जा रहा है। इस कारण हजारों एकड़ कृषि भूमि सूखी पड़ी है। धान रोपाई का समय होने के बावजूद किसान बारिश का इंतजार करने को मजबूर हैं, जिससे उनमें भारी आक्रोश है। किसानों का आरोप है कि सिंचाई प्रमंडल लक्ष्मीपुर के कार्यपालक अभियंता की लापरवाही के कारण जलाशय में पर्याप्त जल उपलब्ध होने के बावजूद नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। इसका सीधा असर टेंगहारा, कोल्हुआ, नगदेवा, पेंगही, मलयपुर, फुलवरिया और जावातारी सहित दर्जनों गांवों के किसानों पर पड़ रहा है। गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला – RJD जिला अध्यक्ष समय पर सिंचाई न मिलने से धान की रोपाई प्रभावित हो रही है, जिससे किसानों को फसल बर्बाद होने की चिंता सता रही है। बुधवार को किसानों ने श्रमदान के बीच अपनी समस्या को लेकर आवाज उठाई। इस दौरान राष्ट्रीय जनता दल के जिला अध्यक्ष डॉ. त्रिवेणी यादव भी किसानों के बीच पहुंचे और उनकी समस्याओं को सुना। आजीविका पर गंभीर संकट की आशंका उन्होंने कहा कि जलाशय में पानी की कमी न होने के बावजूद किसानों को सिंचाई का लाभ न मिलना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला है। डॉ. त्रिवेणी यादव ने जिलाधिकारी से कुकुरझप जलाशय से तत्काल नहरों में पानी छोड़ने, सिंचाई व्यवस्था बहाल करने और इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कार्रवाई करने की मांग की। किसानों का कहना है कि यदि जल्द पानी नहीं छोड़ा गया तो धान की खेती को भारी नुकसान होगा और उनकी आजीविका पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
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