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जंग और इश्क में सबकुछ जायज इसमें तीनों शब्द फारसी है ये हमारी कहावत नहीं हमने पाक में घुसकर मारा लेकिन सुधांशु त्रिवेदी…



रिपब्लिक भारत के समिट ‘मंथन’, राष्ट्र निर्माण की राह में अलग-अलग क्षेत्रों की हस्तियां शिरकत कर रही है। कार्यक्रम में BJP प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने भी अपने भी अपने विचार साक्षा किए। भारत के विकास की यात्रा की बात करते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने बड़ी बात कही। उन्होंने कहा, दुनिया में लोकतंत्र भारत की वजह से है, हमारे देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था रग-रग में समाई हुई है। वही, उन्होंने ऑपरेशन सिंदुर का जिक्र करते हुए भारतीय नीति को लेकर बड़ी बात कही।

मंथन कार्यक्रम में बोलते हुए BJP सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, संसद का सत्र शुरू होने वाला है। भारत में संसद का मानसून सत्र ऐसे समय में शुरू हो रहा है। जब पूरी दुनिया किसी ना किसी क्षेत्र में संघर्ष कर रही है। युद्ध का माहौल हर तरफ नजर आ रहा है। अमेरिका-ईरान लड़ रहा है। रूस की युक्रेन से लड़ाई चल रही है। चीन और ताइवान में तनाव चरम पर है। पाकिस्तान, अफगानिस्तान से लड़ रहा है।

दुनिया में लोकतंत्र भारत की वजह से है-सुधांशु त्रिवेदी 

जब दुनिया जंग के मुहाने पर है, तब भारत में लोकतंत्र के एक परंपरा की शुरुआत हो रही है। मॉनसून सत्र सोमवार से शुरू होने वाला है। इसलिए हम कह रहे हैं कि दुनिया में लोकतंत्र भारत की वजह से है। भारत की जो संस्कृति,परंपरा है इसके अंदर लोकतंत्र रग-रग में समाई हुई है। हम वो देश है, जो भगवानों में डिमोक्रैसी को देखते हैं। इस भगवान को पूजीय तो उस भगवान को भी पूज लीजिए। देवी की तो 9 रूप को पूजते हैं। इसी विविधता के बीच भी भारत में एकता है।

सुधांशु त्रिवेदी ने ऑपरेशन सिंदुर का जिक्र कर युद्ध की मर्यादा बताई

वहीं, ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, भारत युद्ध भी मर्यादा में लड़ता है। भारत ने पाकिस्तान में घुसकर हमला किया, लेकिन आम लोगों को निशाना नहीं बनाया। यह युद्ध मर्यादा ही है। हमारे यहां युद्ध में नरसंहार नहीं होते हैं और महिलाओं को भी निशाना नहीं बनाया जाता है।

हमारे यहां प्रेम में त्याग है और युद्ध की मर्यादा है-सुधांशु त्रिवेदी

मंथन कार्यक्रम में बोलते हुए BJP सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, जंग और इश्क में सबकुछ जायज है। इस लाइन में ना जंग, ना इश्क, ना जायज ये तीनों हिंदी भाषा नहीं, बल्कि फारसी हैं। हिंदी भाषा में ऐसी कोई कहावत नहीं है, कि युद्ध और प्रेम में सबकुछ उचित है, क्योंकि हमारे यहां प्रेम का त्याग है और युद्ध की मर्यादा”

वेदों में शास्त्रार्थ भारत में है-सुधांशु त्रिवेदी

BJP प्रवक्ता सुधांशु ने आगे कहा, वेदों में शास्त्रार्थ  सिर्फ हमारे यहां और सबको अपने-अपने विचार रखने की भारत में आजादी है। अब दुनिया का विश्वास भारत पर बढ़ा है। धरती से लेकर संस्कृति तक हमारा लोकतंत्र ऐसे बंधा हुआ है कि इसका पूरा वर्णन संभव नहीं है। 

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