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गयाजी के डुमरिया में जमीन के लालच में छोटे भाई ने धारदार हथियार से हमला कर दिव्यांग बड़े भाई की हत्या कर दी। मृतक जन्म से ही दिव्यांग था, लिहाजा उसकी शादी नहीं हुई थी। इलाज और देखभाल के लिए वो अपने छोटे भाई और उसके परिवार पर ही आश्रित था। बताया जा रहा है कि दिव्यांग ने अपने हिस्से की कुछ जमीन बहनों को देने की बात करता था, इसी कारण छोटे ने रविवार रात करीब 8 बजे वारदात को अंजाम दिया। घटना बोधीबीघा थाना क्षेत्र अंतर्गत महूड़ी गांव की है। मृतक की पहचान नथू भगत के बड़े बेटे कृष्ण भगत, जबकि आरोपी की पहचान सूरजमल पाल के रूप में हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक, शादी और संतान न होने की वजह से कृष्ण भगत अपने छोटे भाई सूरजमल पाल से देखभाल और इलाज में सहयोग की उम्मीद रखते थे। लेकिन भाई की नजर सिर्फ उसके हिस्से की जमीन पर थी। पारिवारिक के लोगों और गांव के लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, दोनों भाइयों के पिता ने अपने जिंदा रहते हुए डुमरिया-महादी मुख्य सड़क किनारे 24 कट्ठा जमीन खरीदी थी। इसमें से 16 कट्ठा जमीन कृष्ण भगत के नाम पर, जबकि बाकी 8 कट्ठा जमीन सूरजमल पाल के हिस्से में थी। कृष्ण भगत ने कहा था- देखभाल नहीं करोगे, तो जमीन बेच दूंगा, इलाज कराऊंगा गांव के लोगों के मुताबिक, कृष्ण भगत अक्सर बीमार रहता था। उसने अपने भाई सूरजमल से कहा था कि अगर वो उसकी देखभाल और इलाज में सहयोग नहीं करेगा तो मैं अपनी जमीन का कुछ हिस्सा बेचकर अपना इलाज कराऊंगा और किसी को देखभाल के लिए रख लूंगा। बताया जा रहा है कि जमीन बेचने की बात से सूरजमल पाल नाराज था। उसे डर था कि अगर दिव्यांग भाई ने जमीन बेच दी, तो उसके हाथ से करोड़ों की संपत्ति निकल जाएगी। इसी खुन्नस में उसने रविवार रात कृष्ण भगत के सिर और शरीर समेत शरीर के कई हिस्सों पर धारदार हथियार से ताबड़तोड़ वार कर दिए। वहीं मृतक की बहन मुन्नी देवी ने बताया कि जमीन के लिए दोनों भाइयों के बीच झगड़ा होता था। भाई सूरज अक्सर अपने भाई कृष्णा को जान से मारने की धमकी देता था। कृष्णा भगत अपने हिस्से में से हम दो बहनों को जमीन देने की बात कहते थे। शुरू में हमलोग तैयार नहीं हुए। बाद में उन्होंने कानून का हवाला देते हुए कहा कि जमीन पिताजी की है इसलिए बहनों का भी हिस्सा होता है। इस पर हमलोग तैयार हुए। इस बीच सूरज ने अपने भाई की हत्या कर दी। घायल के पास इलाज के लिए पैसे भी नहीं थे उधर, वारदात की सूचना के बाद बोधीबीघा की पुलिस देर रात को ही घटनास्थल पर पहुंची। खून से लथपथ कृष्ण भगत को तुरंत अस्पताल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि इलाज के लिए घायल के पास पैसे भी नहीं थे। इसकी जानकारी के बाद पुलिस प्रशासन ने मौके पर ही 5000 रुपए की आर्थिक मदद की। गांव के लोगों ने भी आपस में चंदा इकट्ठा कर पैसे दिए। हालांकि, अंदरूनी चोटें इतनी गहरी थीं कि अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही कृष्ण भगत ने दम तोड़ दिया। बहनों का रो-रोकर बुरा हाल, आरोपी की तलाश में छापेमारी रविवार को मृतक का पोस्टमार्टम मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल, गया में कराया गया। अस्पताल परिसर में मौजूद मृतक की बहनें मुन्नी देवी और चुन्नी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी भाई सूरजमल पाल घर छोड़कर फरार हो गया है। थाना प्रभारी प्रियनन्दन आलोक ने बताया कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। हालांकि, परिजनों की तरफ से अब तक लिखित आवेदन नहीं मिला है। लेकिन पुलिस अपनी तरफ से आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है।
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