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गयाजी के विश्व शांति महोत्सव में बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप शिक्षक खान सर भी पहुंचे बोले हिम्मत मेहनत सबसे बड़ी ताकत देश भर से प्रतिभागी…




गया के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आज विश्व शांति महोत्सव 2026 के तीसरे दिन बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप का आयोजन किया गया। यह आयोजन खेल जगत को समर्पित रहा और इंडियन बॉडीबिल्डिंग फेडरेशन के सहयोग से हुआ। मनौव्वर हुसैन पहलवान की स्मृति में आयोजित इस चैंपियनशिप का उद्देश्य युवाओं को फिटनेस और अनुशासन के प्रति प्रेरित करना है। इस प्रतियोगिता में देशभर से 150 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। खान सर भी इस महोत्सव में शामिल हुए और प्रतिभागियों को प्रेरित किया। साथ ही कहा कि हिम्मत और मेहनत सबसे बड़ी ताकत है। अलग-अलग राज्यों से प्रतिभागी शामिल पीस एसोसिएशन ऑफ इंडिया के देखरेख में आयोजित इस 19वीं बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में देश के अलग-अलग राज्यों से प्रतिभागी शामिल हुए। इनमें बिहार के अलावा असम, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, पंजाब, झारखंड, ओडिशा, हरियाणा, दिल्ली, आंध्र प्रदेश और हिमाचल प्रदेश के प्रतिभागी सम्मिलित थे। मिस्टर इंडिया बॉडीबिल्डिंग प्रतियोगिता में पुरुष वर्ग के लिए कुल नौ श्रेणियां निर्धारित की गई थीं। इनमें 55 किलो, 60 किलो, 65 किलो, 70 किलो, 75 किलो, 80 किलो, 85 किलो और 85 प्लस किलो वर्ग शामिल थे। इन श्रेणियों में 150 से अधिक पुरुष प्रतिभागियों ने भाग लिया। महिला वर्ग में एकमात्र श्रेणी थी, जिसमें कुल 8 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा, मास्टर कैटेगरी में 40 साल से अधिक उम्र के प्रतिभागियों के लिए एक वर्ग था। मेन फिजिक में शॉर्ट और टॉल कैटेगरी के भी एक-एक वर्ग थे। इंडियन बॉडीबिल्डिंग फिटनेस फेडरेशन के अध्यक्ष अनुराग चौधरी, जनरल सेक्रेटरी अरविंद सिंह भोला, उपाध्यक्ष अख्तर अब्दाली, सह सचिव संतोष मोहंती, अतानु बरुआ, मधुस्मिता रथ, अमाल दास, सुबहानउल्लाह, अमित राय सहित 30 से अधिक पदाधिकारी इस आयोजन में उपस्थित रहे। खान सर बिहार के हर जिले में अल्ट्रासाउंड-ब्लड बैंक केंद्र स्थापित करेंगे प्रसिद्ध शिक्षक खान सर ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बिहार के लोगों में आत्मविश्वास और परिवर्तन की भावना जगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भले ही लोगों के पास भौतिक संसाधनों की कमी हो, लेकिन हिम्मत और मेहनत ही सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने दशरथ मांझी का उदाहरण देते हुए कहा कि दृढ़ संकल्प से असंभव काम भी संभव हो सकता है। उन्होंने कहा कि बिहार की धरती संघर्ष और जज्बे की पहचान है और आने वाले समय में बदलाव की शुरुआत यहीं से होगी। खान सर ने शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बड़े लक्ष्य भी साझा किए। उन्होंने बताया कि उनका उद्देश्य करोड़ों लोगों तक शिक्षा पहुंचाना है। इसके साथ ही पटना में विश्वस्तरीय कैंसर अस्पताल स्थापित करने की योजना पर काम चल रहा है, जिसका भूमि पूजन जल्द ही होने वाला है। बिहार के हर जिले में अल्ट्रासाउंड और ब्लड बैंक केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिससे आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। किसानों के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और मॉडल खेती के जरिए भारतीय किसान भी अपनी आय में बड़ा सुधार कर सकते हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि जिस तरह शिक्षा के क्षेत्र में उन्होंने बदलाव लाया है, उसी तरह कृषि क्षेत्र में भी सकारात्मक परिवर्तन संभव है। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रसिद्ध शिक्षक खान सर, सीआरपीएफ मुजफ्फरपुर के कमांडेंट शहरयार खान सूरी, एडीएम पारितोष कुमार, हरि प्रपन्न, प्रमोद भदानी, पीस एसोसिएशन ऑफ इंडिया के संरक्षक अशोक सिंह (अशोक दा), अध्यक्ष डॉ. एसएन सिंह, सचिव इकबाल हुसैन, संजय सेठ और सुदामा कुमार सहित कई विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर और तिरंगा बैलून उड़ाकर किया।



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