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कॉमर्शियल के बाद आवासीय संपत्तियों पर भी बढ़ा टैक्स हॉस्टल से लेकर मकान का बढ़ेगा किराया मालिकों पर बढ़ेगा टैक्स का बोझ…




पटना नगर निगम में आवासीय और गैर-आवासीय रूप में 3.05 लाख होल्डिंग्स का टैक्स असेसमेंट किया गया है। प्रॉपर्टी टैक्स असेसमेंट के लिए तय वार्षिक किराया मूल्य (ARV) में 15 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। 30 साल बाद वार्षिक किराया मूल्य बढ़ा है। वहीं, गैर आवासीय संपत्तियों पर 3 महीने के अंदर दूसरी बार टैक्स बढ़ाया गया है। अप्रैल महीने से ही कॉमर्शियल टैक्स पर करीब डेढ़ से दोगुणा टैक्स बढ़ाया गया है। निगम के इस फैसले का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है, जिसका वार्ड पार्षद सहित कई लोग विरोध कर रहे हैं। आवासीय संपत्तियों में यदि मकान का उपयोग किराए के लिए किया जा रहा है, तो वहां 1.5 का गुणांक लागू होता है। इस नई बढ़ोतरी के बाद मकान मालिकों पर टैक्स का बोझ बढ़ेगा, जिसकी भरपाई के लिए वे किराए में वृद्धि करेंगे। नतीजतन, पटना में किराए के मकानों में रह रहे मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट बिगड़ना तय है। किराया बढ़ाऊंगा तो किराएदार चले जाएंगे स्टेशन रोड में मकान मालिक सुरेश ने कहा कि मैंने अपने घर में किराया लगाया हुआ है। मैं एक सीनियर सिटीजन हूं और इसी से आमदनी होने पर मेरा घर चलता है। इस प्रॉपर्टी टैक्स के बढ़ने से अगर मैं किराया बढ़ाऊंगा, तो किराएदार खाली करके चले जाएंगे। इससे मेरे ही परेशानी बढ़ेगी। इसके साथ ही पटना में रहकर पढ़ाई करने वाले हजारों छात्र-छात्राओं को इससे सबसे बड़ा झटका लगेगा।
होटल व्यवसायी से लेकर दुकानदार भी बढ़ाएंगे शुल्क होटल संचालक जितेंद्र कुमार ने कहा कि 3 महीने के अंदर दूसरी बार प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाना मनमानी वाली बात है। इतनी जल्दी-जल्दी अगर टैक्स बढ़ेगा तो आम आदमी कहां से लेकर आएगा। आमदनी का स्रोत वहीं है और टैक्स बढ़ते जा रहा है। हमलोग भी करीब 10 से 25 फीसदी सुविधा शुल्क बढाएंगे क्योंकि, व्यपार में नुकसान तो नहीं झेल सकते हैं। इसे लेकर हम लोग कोर्ट में जाएंगे, नहीं तो फिर सड़क पर उतरेंगे। इलेक्ट्रॉनिक दुकान चलाने वाले गौरव कुमार ने कहा कि जिनकी प्रॉपर्टी में आमदनी नहीं बढ़ रही है, तो यह बढ़ा हुआ प्रॉपर्टी टैक्स उनके लिए माथे का दर्द बन जाएगा। ऑनलाइन मार्केट आने के बाद बिजनेस में कंपटीशन बहुत ज्यादा बढ़ गया है। आमदनी कम है और प्रॉपर्टी टैक्स लगातार बढ़ाई जा रही है। इससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आमदनी घट रहा है, टैक्स बढ़ रहा है। यह लोकतंत्र विरोधी नीति है। निगम अपनी जरूरत पूरा करने के लिए टैक्स बढ़ा रही है। वह अपनी खामियां नहीं देख रही है। मकान मालिक अब दोगुना किराया मांग रहा किराना का दुकान चलाने वाले मनोज कुमार ने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स बढ़ाने के कारण मकान मालिक हमसे दोगुना किराया मांग रहा है। हमारा इनकम ही नहीं बढ़ा है और उसी इनकम में हमें डबल किराया देना है। ऐसे में हमारी भूखमरी की स्थिति आ जाएगी। घर का खर्च चलाना, बच्चों की स्कूल की फीस भरना हम लोग लिमिट में करते थे, लेकिन अब अगर दुकान रखना है तो वह भी नहीं कर पाएंगे। नए फैसले को वापस लिया जाए तभी यह हम लोगों के लिए राहत की बात होगी। गैर-आवासीय संपत्तियों पर अप्रैल से हुआ कर गुणांक प्रभावी चालू वित्तीय वर्ष से गैर-आवासीय संपत्तियों के लिए टैक्स गुणांक को संशोधित कर 1.5 गुना से 2 गुना तक बढ़ा दिया गया था और अब 15 प्रतिशत एआरवी की अतिरिक्त वृद्धि भी लागू हो गई है। बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के तहत जारी नई अधिसूचना के अनुसार, होटल, मॉल, हेल्थ क्लब, जिम, क्लब, विवाह भवन, निजी अस्पताल, बैंक, बीमा कंपनियां, वित्तीय संस्थान और बड़े गोदामों पर कर गुणांक 2 तय किया गया है, यानी यहां पहले की तुलना में सीधे दोगुना टैक्स लग रहा है। वहीं दूसरी ओर शोरूम, शॉपिंग मॉल, सिनेमा, मल्टीप्लेक्स, रेस्टोरेंट, कोचिंग संस्थान, गाइडेंस सेंटर, नर्सिंग होम, क्लिनिक, डायग्नोस्टिक सेंटर, निजी स्कूल और कॉलेजों पर 1.5 गुणांक लागू किया गया है। गैर-व्यावसायिक सरकारी कार्यालयों पर 1 गुणांक रखा गया है, जबकि धार्मिक और सांस्कृतिक संस्थानों को इस टैक्स से पूरी तरह मुक्त रखा गया है। बावजूद इसके इसी माह 15 फीसदी इसपर भी लागू कर दिया गया है।
टैक्स वसूली के लिए निजी एजेंसी को लाने की चल रही तैयारी प्रॉपर्टी टैक्स में बढ़ोतरी को लेकर वार्ड संख्या 28 के पार्षद विनय कुमार पप्पू ने विरोध करते हुए कहा कि 1 अप्रैल 2026 से ही व्यावसायिक गतिविधियों के आधार पर टैक्स में 1 से 2 गुना तक की भारी वृद्धि करके हजारों मकान मालिकों और छोटे व्यापारियों पर पहले ही भारी बोझ डाल दिया गया था। इसके तुरंत बाद फिर से 15 फीसदी की अतिरिक्त बढ़ोतरी करना आम जनता पर एक और आर्थिक बोझ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भविष्य में कर वसूली का काम किसी निजी एजेंसी को सौंपने की तैयारी चल रही है, और उसी एजेंसी को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से कर संग्रह बढ़ाया जा रहा है।
निगम का मकसद जनता का खून चूसकर कमीशन से कमाई करना विनय कुमार पप्पू ने कहा कि पटना नगर निगम को किस भवन में कौन सा व्यापार हो रहा है, उस व्यापार के आधार पर प्रॉपर्टी टैक्स लगाने का अधिकार नहीं है। पटना नगर निगम ने अभी तक किसी भी व्यापारी को ट्रेड लाइसेंस निर्गत नहीं किया है, तो भवन में कौन सा व्यापार हो रहा है, उसे किस प्रकार तय करके टैक्स लिया जा रहा है। पिछली बार हुई बोर्ड की बैठक में पटना मेयर प्राइवेट एजेंसियों को रखने का प्रपोजल लेकर आई। उनका मकसद जमकर कमीशन और उगाही हो और जनता का खून चूसा जाए। जनता का खून चूसकर कैसे कमीशन से कमाई हो बस यही किया जा रहा है।



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