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कटिहार में गंगा कोसी का कटाव तेज कई बीघा खेत नदी में समाए का काम रुका गावों घरों पर भी खतरा…




गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में वृद्धि के साथ ही कटिहार के कुर्सेला प्रखंड के तटीय इलाकों में नदी कटाव तेज हो गया है। नदी की तेज धार के कारण किसानों की कई बीघा उपजाऊ कृषि भूमि नदी में समा गई है। कटाव की रफ्तार बढ़ने से तटवर्ती गांवों के लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी बचाव कार्य नहीं किया गया तो कई घर भी कटाव की चपेट में आ सकते हैं। खेतों के साथ-साथ अब उनके आशियाने भी खतरे में नजर आ रहे हैं। बंबू ब्रेड कटिंग का कार्य शुरू कराया गया
कटाव को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से नदी किनारे जेसीबी मशीन से लगभग 10 मीटर तक मिट्टी हटाकर नदी की तेज धारा को मोड़ने और उसकी रफ्तार कम करने के उद्देश्य से बंबू ब्रेड कटिंग का कार्य शुरू कराया गया। हालांकि, कार्य शुरू होते ही कुछ ग्रामीणों ने इसका विरोध करते हुए जेसीबी मशीन को मौके से वापस जाने पर मजबूर कर दिया। ग्रामीणों का आरोप था कि इस तरीके से मिट्टी हटाने पर कटाव और बढ़ सकता है, जिससे गांव को और अधिक नुकसान पहुंच सकता है। ग्रामीणों के सहयोग से बचाव कार्य बढ़ाने की तैयारी
स्थिति की जानकारी मिलने पर एसडीएम प्रद्युम्न सिंह यादव मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत कर प्रशासन की योजना एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया और भरोसा दिलाया कि कटावरोधी कार्य वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा ताकि गांवों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि कटाव प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी तटबंध और कटावरोधी कार्य जल्द शुरू किए जाएं, ताकि हर साल होने वाली तबाही से बचाव हो सके। फिलहाल, प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और ग्रामीणों के सहयोग से बचाव कार्य आगे बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।



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