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औरंगाबाद पुलिस केंद्र में दीक्षांत परेड नव नियुक्त सिपाही बने बिहार पुलिस का हिस्सा आईजी बोले टेक्नोलॉजी के दौर में सचेत रहने की…




औरंगाबाद पुलिस केंद्र में प्रशिक्षण सत्र 2025-26 के सफल समापन पर आज भव्य दीक्षांत परेड (पासिंग आउट परेड) का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 412 नव-नियुक्त सिपाहियों ने कठिन प्रशिक्षण पूरा करने के बाद औपचारिक रूप से बिहार पुलिस बल में प्रवेश किया। समारोह के मुख्य अतिथि मगध रेंज के आईजी विकास वैभव थे। उन्होंने परेड की सलामी ली और प्रशिक्षु जवानों के अनुशासन, समर्पण और दक्षता की सराहना की।अपने संबोधन में आईजी ने कहा कि पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं बल्कि समाज, राज्य और देश के प्रति एक महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि सभी प्रशिक्षुओं ने कड़ी मेहनत और अनुशासित प्रशिक्षण के बाद यह उपलब्धि हासिल की है। अब उन्हें बिहार के विभिन्न जिलों में जाकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण और आम लोगों की सुरक्षा की जिम्मेदारी निभानी होगी। पुलिस के आचरण से बनती और बिगड़ती है सरकार की छवि आईजी विकास वैभव ने कहा कि पुलिस किसी भी राज्य में सरकार का पहला प्रतिनिधि होती है। आम नागरिक का सरकार से सबसे अधिक सीधा संपर्क पुलिस के माध्यम से ही होता है। ऐसे में पुलिसकर्मियों का व्यवहार, कार्यशैली और कर्तव्यनिष्ठा ही सरकार की छवि को मजबूत या कमजोर करती है। लोग किसी क्षेत्र की पुलिस व्यवस्था को देखकर वहां की प्रशासनिक व्यवस्था का आकलन करते हैं। इसलिए हर पुलिसकर्मी को अपनी वर्दी की गरिमा बनाए रखनी चाहिए। उन्होंने प्रशिक्षुओं से कहा कि सेवा अवधि समाप्त होने के बाद भी लोगों को एक पुलिसकर्मी की ईमानदारी, संवेदनशीलता और समर्पण याद रहता है। इसलिए प्रत्येक जवान को अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ करना चाहिए। नई तकनीक ने बढ़ाई जवाबदेही, हर कदम पर रखनी होगी सतर्कता आईजी ने अपने संबोधन में बदलते तकनीकी दौर का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि पहले की तुलना में आज पुलिसिंग का स्वरूप काफी बदल चुका है। एक समय ऐसा था जब दूरदराज क्षेत्रों में तैनात पुलिसकर्मियों के पास संवाद का एकमात्र माध्यम चिट्ठी हुआ करती थी, लेकिन आज मोबाइल फोन और डिजिटल तकनीक ने पूरी व्यवस्था बदल दी है। आधुनिक तकनीक जहां पुलिस को जांच और सबूत संग्रह में मदद करती है, वहीं जवाबदेही भी बढ़ाती है। आज किसी भी बातचीत की रिकॉर्डिंग हो सकती है और किसी भी घटना का वीडियो कुछ ही मिनटों में पूरे देश में पहुंच सकता है। इसलिए पुलिसकर्मियों को अपने व्यवहार और निर्णयों में पहले से अधिक सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यदि कोई पुलिसकर्मी अनुचित आचरण करता है, तो उसका असर केवल उसकी व्यक्तिगत छवि तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे पूरे पुलिस विभाग और राज्य सरकार की छवि प्रभावित होती है। इसलिए नई तकनीक के युग में प्रत्येक जवान को संयम, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा। न्याय, सुरक्षा और विकसित बिहार के निर्माण में पुलिस की अहम भूमिका आईजी विकास वैभव ने कहा कि पुलिस सेवा के माध्यम से समाज के सबसे कमजोर और पीड़ित लोगों की सहायता करने का अवसर मिलता है। यदि कोई पीड़ित व्यक्ति थाने पहुंचता है और उसे न्याय मिलता हैस तो इससे न केवल पुलिस बल्कि पूरे शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होता है। विकसित भारत और विकसित बिहार के निर्माण में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार चाहती है कि बड़ी संख्या में निवेशक बिहार आएं और उद्योग-धंधों का विस्तार हो। इसके लिए कानून-व्यवस्था और सुरक्षा का माहौल आवश्यक है। अभी भी कई निवेशकों के मन में बिहार की पुरानी छवि बनी हुई है, जिसे बदलना पुलिस की जिम्मेदारी है। उन्होंने प्रशिक्षु जवानों से कहा कि वे अपने काम के माध्यम से लोगों के मन में यह विश्वास पैदा करें कि थाने में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को निष्पक्ष न्याय मिलेगा। यही विश्वास बिहार की सकारात्मक पहचान बनाएगा और राज्य के विकास को नई गति देगा समारोह के दौरान प्रशिक्षुओं ने आकर्षक परेड का प्रदर्शन किया। प्रशिक्षण अवधि में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, प्रशिक्षक, जवानों के परिजन और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। 412 नव-नियुक्त सिपाही अब बिहार के विभिन्न जिलों में अपनी सेवाएं देकर कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।



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