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औरंगाबाद के कुटुंबा प्रखंड क्षेत्र में एक जंगली हाथी के आने से ग्रामीणों के बीच दहशत का माहौल है। गुरुवार की सुबह चट्टी बाजार पास हाथी देखे जाने की सूचना फैलते ही अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम लगातार गश्त कर रही है। लोग खेतों की ओर जाने से बच रहे हैं। प्रशासन लगातार लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहे हैं। फसलों को पहुंचाया नुकसान जानकारी के अनुसार यह हाथी झारखंड सीमा से भटकते हुए गयाजी के शेरघाटी अनुमंडल क्षेत्र से चाल्हो पहाड़, पिरवां और सलैया मार्ग होते हुए चौखड़ा गांव पहुंचा। लगभग तीन दिन पहले इलाके में दाखिल हुए इस हाथी ने कुछ जगहों पर फसलों को नुकसान पहुंचाया है, जिससे किसान चिंतित हैं। वन विभाग की टीम नजर रख रही है ग्रामीणों का कहना है कि हाथी अचानक गांव के पास पहुंच जाता है, जिससे भय का वातावरण बना हुआ है। हालांकि वन विभाग की टीम लगातार सक्रिय है। महाराजगंज वन क्षेत्र पदाधिकारी अविनाश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम प्रभावित क्षेत्रों में पहुंची। ग्रामीणों को घरों में रहने की सलाह वनपाल रौनक कुमार ने बताया कि हाथी को सुरक्षित तरीके से झारखंड के पलामू जंगल क्षेत्र की ओर भेजने की रणनीति बनाई गई है, ताकि वह फिर से अपने प्राकृतिक आवास में लौट सके। मंगलवार को मदनपुर थाना क्षेत्र के चौखड़ा और निमा आंजन के सहियार इलाके में वन विभाग की टीम ने हाथी की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उसे एक सीमित दायरे में बनाए रखा। रात के समय उसे सुरक्षित दिशा में आगे बढ़ाने की योजना पर काम किया गया। टीम पूरी रात सक्रिय रही और ग्रामीणों को घरों में रहने की सलाह दी गई।
अनाउंसमेंट कर लोगों को किया जा रहा है सतर्क प्रशासन की ओर से माइकिंग की जा रही है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वन विभाग का कहना है कि हमारी प्राथमिकता मानव जीवन की सुरक्षा है। अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है, हालांकि हाथी ने गेहूं सहित अन्य रबी फसलों को नुकसान पहुंचाया है। वन रक्षी सुभाष कुमार, नंदू कुमार, सुमन कुमार समेत अन्य कर्मी लगातार निगरानी में जुटे हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और जल्द ही हाथी को सुरक्षित तरीके से झारखंड के जंगल क्षेत्र की ओर मोड़ दिया जाएगा। ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें।
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