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गयाजी के बिल्डर से 50 लाख रुपए की रंगदारी मांगी गई है। रिवॉल्वर दिखाकर जान से मारने की धमकी भी दी गई है। कहा था कि रंगदारी दे दो नहीं तो तुम्हारे परिवार को जान से मार देंगे। कारोबार नहीं करने देंगे। पीड़िता विकास कुमार ने सोमवार को अपने कार्यालय में पीसी कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने सिविल लाइन थाने में केस भी दर्ज कराया है। जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आवेदन में बताया है कि 3 जुलाई को अमित कुमार, उसका छोटा भाई सुमित कुमार और उनके साथ आए 3-4 लोगों ने ऑफिस में घुसकर हथियार दिखाकर 50 लाख रुपए रंगदारी मांगी है। 14 जुलाई को पीड़ित ने केस किया था, आज कारोबारी ने पीसी की है।
केस नहीं करने की भी दी थी धमकी पीड़ित ने कहा कि अमित और सुमित दोनों भाई हैं। उनलोगों ने ऑफिस में घुसकर कहा था कि तुम कहां किस वक्त जाते हो हमलोग पूरी खबर रखते हैं। दोनों ने मेरे ऑफिस के बाहर रेकी की थी, फिर ऑफिस में घुसकर धमकाया था।
मैंने पैसों की व्यवस्था की बात कहकर किसी तरह से घटना को टाला। दोनों का आपराधिक इतिहास है। उनलोगों ने कहा था कहीं केस किए तो समझ लेना। रंगदारी हमारे लिए बड़ा खेल नहीं है। ठीक से दे दिए तो ठीक है, कुछ नहीं होगा। सीसीटीवी पुलिस को सौंपा बिल्डर विकास कुमार सिविल लाइन थाना के गोडिया मठ गली के रहने वाले हैं। विकास कुमार ने बताया कि मेरा ऑफिस धर्मसभा भवन गली स्थित सरजू परिसर में है। घटना के समय वह अपने कार्यालय में बैठे थे। तभी अमित कुमार, सुमित कुमार और उनके साथी कार्यालय में पहुंचे। आरोपियों के हाथों में रिवॉल्वर और पिस्तौल थे। कार्यालय में घुसते ही उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी। मामले से जुड़ा एक सीसीटीवी भी है। जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। सीसीटीवी में देखा जा सकता है कि दोनों आरोपी ऑफिस के बाहर खड़े हैं।
पुलिस से सुरक्षा की मांग बिल्डर ने यह भी आरोप लगाया है कि अमित कुमार और सुमित कुमार के खिलाफ पहले से सिविल लाइंस और कोतवाली थाना में कई मामले दर्ज हैं। उनके खिलाफ कई अन्य संगीन मामले भी दर्ज है।
विकास कुमार ने जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके परिवार की जान-माल का खतरा है। इसलिए सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
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