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जमुई जिले के लछुआड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत महना गांव में मंगलवार को संदेहास्पद स्थिति में एक व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान महना गांव निवासी बनारस सिंह के पुत्र शालिंद्र सिंह (45) के रूप में हुई है। बताया जाता है कि उनका शव गांव से करीब 300 फीट दूर स्थित घर में एक सप्ताह से अधिक समय से पड़ा था। घर से तेज दुर्गंध आने पर ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली। शव की स्थिति काफी खराब हो चुकी थी। पत्नी मायके बच्चों के साथ में रहती थी मिली जानकारी के अनुसार, शालिंद्र सिंह टोटो चलाकर अपना जीवनयापन करते थे और गांव से कुछ दूरी पर बने घर में अकेले रहते थे। उनकी पत्नी पिछले कई वर्षों से अपनी दो बेटियों के साथ मायके में रहती हैं। मृतक के भतीजे गौतम सिंह ने बताया कि शालिंद्र सिंह काम के सिलसिले में गांव और ससुराल आते-जाते रहते थे। करीब 15 से 20 दिन पहले उनसे मुलाकात हुई थी, लेकिन इसके बाद कोई खास बातचीत नहीं हुई। वहीं, एक अन्य व्यक्ति ने करीब 10 दिन पहले उन्हें देखने की बात कही थी। घर गांव से अलग होने के कारण वहां लोगों का आना-जाना भी कम रहता था। घर से दुर्गंध आने पर हुई आशंका बताया जाता है कि मंगलवार को घर से तेज दुर्गंध आने पर ग्रामीणों को अनहोनी की आशंका हुई। लोग जब घर पहुंचे तो बाहरी गेट बंद था, जबकि अंदर का गेट खुला हुआ था। घर में पंखा भी चल रहा था। अंदर जाने पर शालिंद्र सिंह का शव पड़ा मिला। इसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। घर से चिलम और नशे की सामग्री मिली थानाध्यक्ष ने बताया कि फिलहाल मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल जमुई भेज दिया। देर रात चिकित्सक डॉ. नवीन चंद्र गुप्ता ने शव का पोस्टमार्टम किया। पुलिस के अनुसार, मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मृतक आसपास के लोगों से भी ज्यादा बातचीत नहीं करते थे। घर से चिलम सहित नशे से जुड़ी कुछ सामग्री बरामद हुई है। परिजनों ने भी बताया कि उनका किसी से विशेष मेलजोल नहीं था।
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