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उत्तर दक्षिण के नैरेटिव से देश के टुकड़े टुकड़े करना चाहते हो बाल सफेद हो जाएंगे लेकिन यहां नहीं बैठ पाओगे लोकसभा में…



Women Reservation Bill: महिला आरक्षण बिल पर संसद में चर्चा जारी है। वोटिंग से पहले लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर हमला करते हुए कहा है कि पहला सच तो ये है कि ये महिला आरक्षण बिल नहीं है, जिसके बाद राहुल गांधी की स्पीच के दौरान लोकसभा में जोरदार हंगामा हुआ।

लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक (Women Reservation Bill) चर्चा पर गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए विपक्ष पर जोरदार हमला किया। लोकसभा में अमित शाह ने कहा ‘उत्तर-दक्षिण के नैरेटिव से देश के टुकड़े-टुकड़े करना चाहते हो? बाल सफेद हो जाएंगे लेकिन यहां नहीं बैठ पाओगे।’ आगे उन्होंने कहा ‘जिन्होंने संविधान हाथ में लेकर शपथ ली है वे उत्तर-दक्षिण का भेद कराना चाहते हैं, हम यह नहीं होने देंगे।’

उत्तर-दक्षिण के नैरेटिव से देश के टुकड़े करना चाहते हो?-अमित शाह

महिला आरक्षण बिल चर्चा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा ‘एक नैरेटिव ये फैलाया गया उत्तर-दक्षिण का। इस सदन पर दक्षिण के राज्यों का भी उतना ही अधिकार है, जितना उत्तर के राज्यों का। लक्षद्वीप का भी उतना ही अधिकार है, जितना उत्तर प्रदेश और गुजरात का है। इस सदन में जो भी शपथ लेता है, वह देश को अक्षुण्ण रखने, कल्याण की शपथ लेता है। ये सोचते हैं कि भ्रांतियां फैलाकर यहां बैठ जाएंगे, तो बाल सफेद हो जाएंगे यहां नहीं बैठ पाओगे।’

आगे उन्होंने कहा उत्तर बनाम दक्षिण का नैरेटिव-मैं फिर से स्पष्ट करता हूं कि दक्षिण के राज्यों का भी इस सदन पर उतना ही अधिकार है जितना उत्तर के राज्यों का है। उत्तर-दक्षिण के नैरेटिव से देश के टुकड़े-टुकड़े नहीं करना चाहिए, इससे ऊपर उठना चाहिए। जिन्होंने संविधान हाथ में लेकर शपथ ली है वे उत्तर-दक्षिण का भेद कराना चाहते हैं, हम यह नहीं होने देंगे।’

देश में OBC विरोधी करने वाली सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल और परिसीमन बिल पर बहस का जवाब देते हुए कहा ‘ इस देश में कोई सबसे बड़ी OBC विरोधी पार्टी है तो वह कांग्रेस पार्टी है। इन्होंने चौधरी चरण सिंह और सीताराम केसरी, दोनों को कार्यकाल पूरा नहीं करने दिया। 1957 में काकासाहेब कालेलकर समिति के सुझाव आए लेकिन उन्होंने उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया। 1980 में इंदिरा जी आई, मंडल आयोग का सुझाव आया तो उन्होंने उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया।’ 



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