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इस्कॉन पटना में आज से जगन्नाथ रथयात्रा महोत्सव की शुरुआत हुई। मंदिर में 3 दिनों तक जगन्नाथ कथा होगी। कृष्ण चैतन्य स्वामी महाराज (ओडिशा) ने जगन्नाथ कथा सुनाएंगे। ये महोत्सव तीन दिन तक चलेगा और उसके बाद फिर 16 जुलाई को दोपहर 1 बजे विशेष पूजा और महाआरती के बाद 3 बजे से रथयात्रा शुरू होगी। इस बार क्रेन से भगवान को 108 प्रकार के व्यंजनों का महाभोग लगाया जाएगा। वृंदावन, मायापुर से कीर्तन के लिए लोग आएंगे। इस रथयात्रा में पटना और आसपास के क्षेत्रों से 4 लाख श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। इस्कॉन के टीएमसी को-चेयरमैन रमन मनोहर दास ने बताया कि 40 फीट ऊंचे हाइड्रोलिक रथ पर भगवान सवार होंगे। रथ के रंग-रोगन और साज-सज्जा का काम तेजी से चल रहा है। यह रथ आधुनिक तकनीक से लैस है, जिसे आवश्यकता के अनुसार छोटा या बड़ा किया जा सकेगा। शहर के रूट पर जहां भी बिजली के ढीले तार, खंभे या पेड़ रूकावट होंगे, वहां इस रथ की ऊंचाई को तुरंत कम किया जा सकेगा, जिससे यात्रा बिना किसी बाधा के सुरक्षित रूप से आगे बढ़ सकेगी। 1 बजे से विशेष पूजा, 2 बजे से नगर भ्रमण रथ यात्रा के दिन दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक बुद्धमार्ग स्थित इस्कॉन मंदिर में भगवान की विशेष पूजा-अर्चना और महाआरती होगी। इसके बाद भव्य रथ यात्रा की शुरुआत होगी। रथ यात्रा के दौरान दोपहर 12 बजे से लेकर रात 9 बजे तक पूरे मार्ग और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की ओर से अखंड भजन-कीर्तन का गायन किया जाएगा। हेलिकॉप्टर से फूल बरसाए जाएंगे महाप्रभु के स्वागत के लिए रथ यात्रा के पूरे मार्ग को बेहद खूबसूरती से सजाया जाएगा। रास्ते में जगह-जगह पर भव्य और आकर्षक रंगोली बनाई जाएगी, जिसे बनाने के लिए पटना के साथ-साथ देश के विभिन्न हिस्सों और बाहर से भी विशेष कलाकार आ रहे हैं। इसके साथ ही, पूरी यात्रा के दौरान भगवान और श्रद्धालुओं पर लगातार पुष्प वर्षा की जाएगी। भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा पर हेलिकॉप्टर से फूल बरसाए जाएंगे।
श्रद्धालुओं से पुण्य के भागी बनने की अपील इस्कॉन मंदिर प्रबंधन (TMC) के को-चेयरमैन रमन मनोहर दास और आदिकर्ता दास ने पटना के समस्त श्रद्धालुओं से इस रथ यात्रा में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि भगवान जगन्नाथ के रथ की डोरी खींचने मात्र से ही जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। सभी श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होकर महाप्रभु का आशीर्वाद लें और पुण्य के भागी बनें।
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