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भोजपुर जिले के आरा में हुए तनिष्क ज्वेलर्स शोरूम लूट कांड में लंबे समय से फरार 7वें आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी रांची से एसटीएफ और भोजपुर की पुलिस ने की है। आरोपी की पहचान बाबा उर्फ सौरभ तिवारी के रूप में की गई है। आरोपी के बारे में बिहार एसटीएफ और नगर थाना पुलिस की टीम को गुप्त सूचना मिली थी। पुलिस के अनुसार, सौरभ तिवारी इस लूट कांड में शामिल सातवां अपराधी था, जो घटना के दिन हेलमेट पहनकर शोरूम में दाखिल हुआ था और लूटे गए सोने के जेवरात को झोले में भरकर फरार हो गया था। एक साल से पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था आरोपी वैशाली जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के बिठौली गांव का रहने वाला सौरभ तिवारी पिछले एक साल से पुलिस को लगातार चकमा दे रहा था। हालांकि, हाल ही में एसटीएफ और नगर थानाध्यक्ष को उसके रांची में छिपे होने की सूचना मिली, जिसके बाद जाल बिछाकर उसे धर दबोचा गया। एसडीपीओ वन राज कुमार साह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि 10 मार्च 2025 को 7 हथियारबंद अपराधियों ने दिनदहाड़े तनिष्क शोरूम में धावा बोलकर करीब 10.50 करोड़ रुपए के जेवरात लूट लिए थे। लूटकांड में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा इस कांड में अब तक 6 अपराधियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका था, जबकि सौरभ तिवारी की तलाश जारी थी। पुलिस के मुताबिक, लूट के दौरान एक झोले में भरे सोने के जेवरात लेकर भागने वाले इसी आरोपी के कब्जे से 750 ग्राम सोना बरामद किया गया था, जबकि शेष सोना अन्य अपराधियों की ओर से गलाकर बेच दिया गया। पकड़ा गया अपराधी बाबा साल 2023 में राजस्थान के राजसमंद जिले रूपम गोल्ड शो रूम एवं 31 जनवरी 2025 को दानापुर के जीवा गोल्ड शो रूम में लूट की घटना को अंजाम दिया था। हथियारों से लैस 7 अपराधियों ने वारदात को अंजाम दिया था 10 मार्च 2025 को आरा शहर के टाउन थाना क्षेत्र अंतर्गत शीश महल चौक स्थित तनिष्क शोरूम में दिनदहाड़े 7 हथियारबंद अपराधियों ने धावा बोलकर करीब 10.50 करोड़ रुपए के जेवरात लूट लिए थे। वारदात वाले दिन ही दो अपराधी मुठभेड़ के बाद पकड़े गए थे घटना के बाद भाग रहे अपराधियों का बड़हरा थाना क्षेत्र के बबुरा के पास पुलिस से आमना-सामना हो गया था, जिसमें सारण जिले के दो अपराधी विशाल गुप्ता और कुणाल पुलिस की गोली से घायल हो गए थे। उनके पास से दो देसी पिस्टल, दस कारतूस और लूटे गए जेवरात से भरे दो बैग बरामद किए गए थे। दो अपराधी मुठभेड़ में ढेर हुए थे 22 मार्च 2025 को इस कांड में शामिल अररिया निवासी चुनमुन झा पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था, जबकि 6 फरवरी को वैशाली में हुई मुठभेड़ में प्रिंस नाम का अपराधी ढेर हो गया।
14 फरवरी 2026 को लुटेरों को शरण देने के आरोप में बड़हरा थाना क्षेत्र के एकौना गांव के रहने वाले श्रीराम सिंह की गिरफ्तारी भी हुई थी। पुलिस के अनुसार, सूरज तिवारी और नीतीश पांडेय लूटे गए जेवरात में से करीब आधा-आधा किलो सोना अपने पास रखे हुए थे। नीतीश पांडेय पहले ही जेल जा चुका है। अब सूरज और बाबा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस को इस हाई-प्रोफाइल लूट कांड के कई अहम राज खुलने की उम्मीद है।
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