
West Bengal news: पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें लगातार बढ़ी हुई हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ भड़काऊ बयान देने के लिए हाल ही में उनके खिलाफ FIR दर्ज हुई, जिसे रद्द कराने के लिए बनर्जी ने अब कलकत्ता हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया हुआ है। FIR को रद्द करने की मांग को लेकर उन्होंने अदालत में याचिका दायर की है।
TMC सांसद और वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी ने कहा कि मामला 21 मई को जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की बेंच के सामने सुनवाई हो सकती है।
अभिषेक बनर्जी के खिलाफ सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार की शिकायत के आधार पर यह मामला दर्ज हुआ था। शिकायत पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के एक दिन बाद 5 मई को उत्तर 24 परगना जिले के बागुईआटी थाने में दर्ज हुई थी। फिर 15 मई को बिधाननगर पुलिस कमिश्नरेट के साइबर क्राइम थाने में औपचारिक FIR दर्ज की गई।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी ने जो चुनाव प्रचार के दौरान सार्वजनिक सभाओं में बयान दिए, वे भड़काऊ थे और यह कानून-व्यवस्था तथा सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका पैदा हो सकती थी। शिकायत में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से जुड़े दिए गए बयानों का भी संदर्भ दिया गया है।
बनर्जी के कई भड़काऊ बयानों का जिक्र
शिकायत में अभिषेक के 27 अप्रैल से 3 मई के दौरान दिए गए विभिन्न चुनावी भाषणों का जिक्र किया गया है। इन भाषणों के वीडियो लिंक भी पुलिस को उपलब्ध कराए गए हैं। शिकायतकर्ता ने 7 अप्रैल को कोलकाता में हुई रैली का भी हवाला दिया, जिसमें अभिषेक ने कहा था, “4 मई को देखूंगा, उन्हें बचाने कौन आता है। दिल्ली से कौन-सा गॉडफादर उन्हें बचाने आएगा।” इस मामले में अभिषेक बनर्जी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।