
Attack on Abhishek Banerjee: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी पर हमले को लेकर सियासत गरमा गई है। हमले के बाद अभिषेक को अस्पताल भी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी चोट को मामूली बताते हुए उन्हें भर्ती करने से इनकार कर दिया। इस पर ममता बनर्जी आगबबूला हो गई हैं। उन्होंने बीजेपी और डीसीपी पर अस्पताल को धमकाने का आरोप लगाया।
TMC अध्यक्ष ममता बनर्जी ने कहा कि जो लोग सत्ता में हैं, वे सभी अस्पतालों और बड़े अधिकारियों को धमका रहे हैं कि वे अभिषेक बनर्जी को भर्ती न करें, क्योंकि वे नहीं चाहते कि उनका इलाज हो। जब मैं अस्पताल के एडमिनिस्ट्रेटर के साथ बैठी थी, तो उन्होंने मुझे बताया कि उन्हें पुलिस की तरफ से धमकी भरे फोन आ रहे हैं। डॉक्टर दुखी हैं, लेकिन उन पर दबाव है।
इस दौरान ममता ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि अगर अभिषेक ने हेलमेट न पहना होता, तो उसकी जान जा सकती थी; उसके सीने के आसपास खून के थक्के जम गए हैं।
‘उनके आठ ऑपरेशन हो चुके हैं, अगर कुछ हुआ…’
पूर्व सीएम ने कहा कि CPM करीब 35 साल तक सत्ता में रही थी। क्या तब कभी ऐसा कुछ हुआ था? ये लोग (BJP) अमानवीय हो गए हैं। यह क्रूरता है। लोकतंत्र की हत्या की बात तो छोड़ ही दीजिए, अब तो लोगों को इलाज भी नहीं मिल पा रहा है। हमने अभी-अभी डॉक्टरों से इस बारे में बात की है। हमारे पारिवारिक डॉक्टर वहीं रहेंगे। उन्हें आज से ही ऑक्सीजन सपोर्ट और डॉक्टरों की सलाह के अनुसार बाकी सारा इलाज मिलेगा। वे उनकी देखभाल करेंगे। उन्हें गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हैं और उनके आठ ऑपरेशन हो चुके हैं। उन्होंने तो उनकी आंखों को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी। अगर कोई भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या आती है, तो इस नर्सिंग होम के अधिकारी और उनकी देखभाल करने वाले डॉक्टर- खासकर अपोलो और बेले व्यू के डॉक्टर इसके लिए जिम्मेदार होंगे।
अस्पताल बोला- अभिषेक को भर्ती करने की जरूरत नहीं…
हमले के बाद अभिषेक बनर्जी को अपोलो अस्पताल लेकर गए। इसके बाद उन्हें कोलकाता के बेले व्यू हॉस्पिटल ले जाया गया। यहां से उनका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें स्ट्रेचर पर अस्पताल जाते हुए देखा जा सकता है। ममता बनर्जी भी इस दौरान अस्पताल पहुंच गई। बेले व्यू हॉस्पिटल ने एक बयान में बताया है कि उन्हें सीने पर पड़े खरोंच के निशान के अलावा, चोट का कोई भी गंभीर शारीरिक लक्षण दिखाई नहीं दे रहा है। मरीज बातचीत कर रहा है और पूरी तरह से होश में व सचेत है। इसलिए, मरीज को अस्पताल में भर्ती करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी को सोनारपुर में लोगों के गुस्से और विरोध का सामना करना पड़ा। यहां कथित तौर पर स्थानीय लोगों ने उनकी शर्ट फाड़ दी, उन पर अंडे फेंके और यहां तक कि इस वरिष्ठ नेता के खिलाफ ‘चोर-चोर’ के नारे भी लगाए गए।