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अब तमिलनाडु में हो गया खेला ने को समर्थन का किया ऐलान राज्यपाल को पत्र लिखकर विधायकों की खरीद फरोख्त का लगाया आरोप…



तमिलनाडु की राजनीति में गुरुवार शाम से बड़ा सियासी ड्रामा देखने को मिल रहा है। तमिलनाडु में विजय थलापति को सरकार बनाने के रास्‍ते में आ रही अड़चनें कम होने का नाम ले रही है। एक्टर से नेता बने थलापति विजय की नई पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) सरकार बनाने की दहलीज पर पहुंच चुकी थी, लेकिन अंतिम समय में अम्मा मक्कल मुनेत्र कड़गम (AMMK) ने ऐसा ऐलान कर दिया कि प्रदेश की सियासत में बड़ा ‘खेला’ हो गया।

AMMK के जनरल सेक्रेटरी टी.टी.वी. दिनाकरन ने गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को एक लेटर सौंपा, जिसमें उन्होंने राज्य में नई सरकार बनाने के लिए AIADMK के जनरल सेक्रेटरी एडप्पादी पलानीसामी को सपोर्ट देने की बात कही है। टीटीवी दिनाकरण खुद भी मीडिया के सामने आकर ऐसा बयान दिया कि तमिलनाडु का पूरा राजनीतिक समीकरण ही बदल दिया। उन्होंने कहा कि मैंने TV पर देखा कि हमारी पार्टी ने विजय का समर्थन किया है, तो मैं हैरान रह गया।

दिनाकरण ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल को पत्र सौंपा और AIADMK नेता एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) को मुख्यमंत्री बनाने का अपना पूरा समर्थन देने की घोषणा कर दी। हैरानी की बात यह है कि AMMK को इस चुनाव में महज एक सीट मिली है, जबकि AIADMK के पास 47 विधायक हैं। इतना ही नहीं  AMMK महासचिव ने विधायकों की खरीद-फरोख्त का भी आरोप लगाया।

हमारे CM उम्मीदवार पलानीस्वामी हैं-AMMK

AMMK के महासचिव टी.टी.वी. दिनाकरन ने कहा, “यह हॉर्स ट्रेडिंग या जालसाजी का मामला है। यह लोकतंत्र का मजाक है। वह विपक्ष के MLA का समर्थन कैसे कर सकते हैं? वह (विजय) यह कैसे कह सकते हैं कि मैं साफ़-सुथरा हूं? वह अच्छा शासन, एक साफ-सुथरा शासन कैसे दे सकते हैं? उन्हें विपक्ष से समर्थन मिल रहा है। हम सभी NDA गठबंधन में हैं, और AIADMK के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। हमारे CM उम्मीदवार पलानीस्वामी हैं।”

AMMK महासचिव हॉर्स ट्रेडिंग का लगाया आरोप

AMMK के महासचिव ने आगे कहा, “मैं AIADMK का समर्थन कर रहा हूं। मैंने सरकार बनाने के लिए एडप्पादी पलानीस्वामी के समर्थन में यह पत्र सौंपा है। हमारे विधायक कामराज ने भी इस पर हस्ताक्षर किए हैं और इसे मेरे सचिव के जरिए भेजा है। जब मैंने TVK देखा, तो मैं हैरान रह गया, क्योंकि वहां कोई दूसरा ही पत्र था शायद कोई जाली पत्र, या फिर यह विधायकों की खरीद-फरोख्त हो सकती है।

दिनाकरन ने आगे कहा, मैंने अपने विधायक को फोन किया, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया। उन्होंने शाम करीब 6:30 बजे इस पत्र पर हस्ताक्षर किए थे और इसे यहां भेजा था। जब मैंने TV पर देखा कि हमारी पार्टी ने विजय का समर्थन किया है, तो मैं हैरान रह गया। इसलिए, मैंने राज्यपाल से मिलने का समय लिया और उन्हें वह पत्र सौंपकर उनसे इस मामले की जांच करने का आग्रह किया। मुझे लगता है कि यह जाली है या फिर विधायकों की खरीद-फरोख्त का मामला है। उन्हें इसकी अनुमति नहीं देनी चाहिए।” अब इस फैसले के बाद देखना होगा कि विजय के सीएम बनने की आगे की राह कितनी मुश्किल होगी?



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