
देश की राजधानी में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के दौरान प्रदर्शित एक रोबोटिक डॉग को लेकर गलगोटिया यूनिवर्सिटी (Galgotias University) हाल ही में विवादों में आ गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक समिट में यूनिवर्सिटी के स्टॉल पर दिखाए गए ‘रोबोडॉग’ को चीनी निर्मित बताया गया। इसके बाद यूनिवर्सिटी से एक्सपो स्पेस खाली करने के लिए कहा गया।
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इवेंट से जुड़ा एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें प्रोफेसर नेहा सिंह रोबोट को 'ओरायन' नाम से पेश करती नजर आईं। इसके बाद ऑनलाइन अटकलें लगने लगीं कि क्या इस मशीन को यूनिवर्सिटी की इन-हाउस इनोवेशन के तौर पर प्रस्तुत किया गया था। इस वीडियो के बाद नेहा सिंह भी चर्चाओं में आ गई।
#WATCH | Delhi | On being asked if Galgotias University has tarnished the image of the country, the university's professor, Neha, says, “Because of Galgotias University, the country has gained a lot of glory…” pic.twitter.com/140bkiG4vY
— ANI (@ANI) February 18, 2026
कौन हैं नेहा सिंह, यूनिवर्सिटी ने झाला पल्ला
गलगोटिया यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ बिजनेस में कम्युनिकेशंस विभाग की प्रमुख (हेड ऑफ डिपार्टमेंट) हैं। वह कोर टेक्निकल फैकल्टी का हिस्सा नहीं हैं। विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने इस बात को स्पष्ट किया। विवाद के बाद मीडिया बातचीत में नेहा सिंह ने कहा कि उन्हें रोबोट के विकास से जुड़ी तकनीकी जानकारियों की पूरी जानकारी नहीं थी।
#WATCH | Delhi | Following row over display of a Chinese-made robodog at AI Impact Summit, Galgotias University Professor Dr Aishwarya Shrivastava says,” We never claimed that we manufactured it (robodog), it was only a part of our AI investment. It got misinterpreted in a big… pic.twitter.com/xnVUPlQIi0
— ANI (@ANI) February 18, 2026
उन्होंने जोर देकर कहा कि यूनिवर्सिटी ने यह दावा नहीं किया था कि रोबोट का निर्माण उसी ने किया है। मीडिया के सामने उन्होंने स्वीकार किया कि समिट में प्रस्तुति के तरीके के कारण स्थिति बिगड़ सकती है। उन्होंने बताया कि उन्होंने रोबोट का परिचय उत्साह और तेज़ रफ्तार माहौल में दिया, जिससे गलतफहमी पैदा हो सकती है। उनके मुताबिक, रोबोटिक डॉग को यूनिवर्सिटी द्वारा निर्मित बताने का कोई इरादा नहीं था। बल्कि इसे छात्रों को प्रेरित करने और उन्हें इससे भी उन्नत तकनीक विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से प्रदर्शन के तौर पर लाया गया था।
— Galgotias University (@GalgotiasGU) February 18, 2026
यूनिवर्सिटी ने कहा- बयान देने का अधिकार नहीं था
मीडिया खबरों के मुताबिक चाइनीज रोबोडॉग विवाद पर गलगोटियास यूनिवर्सिटी ने माफीनामा जारी किया है। यूनिवर्सिटी ने कहा कि AI समिट में उनके स्टॉल पर मौजूद प्रतिनिधि जानकारी के अभाव में कैमरे के सामने गलत बयान दे बैठीं जबकि उन्हें मीडिया से बात करने का अधिकार नहीं था। Edited by : Sudhir Sharma