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सावधान एक गलत क्लिक और बैंक खाता साफ जानें क्या है फिशिंग और कैसे बचें इस डिजिटल जाल से…


what is phishing scam and how to avoid digital fraud : साइबर अपराधी फर्जी लिंक, मोबाइल फ्रॉड कॉल, OTP फ्रॉड और UPI फ्रॉड के जरिए लोगों के बैंक खाते हैक कर रहे हैं। यह एक गंभीर डिजिटल फ्रॉड और साइबर क्राइम है, जिससे बचने के लिए साइबर सुरक्षा टिप्स, ऑनलाइन बैंकिंग सेफ्टी और साइबर ठगी से बचाव के उपाय अपनाना बेहद जरूरी है। खासतौर पर डिजिटल अरेस्ट स्कैम और इंटरनेट फ्रॉड जैसे नए तरीकों से लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।


तकनीक की दुनिया में जहाँ एक ओर सुविधाएँ बढ़ी हैं, वहीं दूसरी ओर साइबर अपराध का ग्राफ भी तेजी से ऊपर गया है। हाल के दिनों में 'फिशिंग' के जरिए लोगों की गाढ़ी कमाई लूटने के मामलों में भारी उछाल देखा गया है। आखिर क्या है यह बला और कैसे शातिर अपराधी आपके दिमाग के साथ खेल जाते हैं? आइए विस्तार से समझते हैं।

 

क्या है फिशिंग (Phishing)?

फिशिंग एक प्रकार का साइबर हमला है जिसमें अपराधी मछली पकड़ने वाले जाल की तरह ही इंटरनेट पर 'चारा' डालते हैं। इसमें ठग आपको फर्जी ईमेल, मैसेज (SMS) या व्हाट्सएप के जरिए संपर्क करते हैं जो देखने में बिल्कुल असली लगते हैं। ये मैसेज अक्सर आपके बैंक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म (जैसे फेसबुक या इंस्टाग्राम) या किसी मशहूर ई-कॉमर्स साइट (जैसे अमेज़न) के नाम से आते हैं। इनका मकसद आपकी निजी जानकारी जैसे:

 

  • इंटरनेट बैंकिंग का यूजर आईडी और पासवर्ड
  • क्रेडिट या डेबिट कार्ड की डिटेल्स
  • आधार और पैन कार्ड की जानकारी चुराना होता है।

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कैसे बुना जाता है यह डिजिटल जाल?

फिशिंग के हमले अक्सर डर या लालच के मनोविज्ञान पर आधारित होते हैं। अपराधियों के पसंदीदा तरीके कुछ इस प्रकार हैं:

 

डर का माहौल: आपको मैसेज आएगा कि “आपका बैंक खाता ब्लॉक हो गया है, तुरंत नीचे दिए लिंक पर क्लिक कर KYC अपडेट करें।”

 

बड़ा लालच: “बधाई हो! आपने 25 लाख की लॉटरी जीती है, पैसा पाने के लिए अपनी डिटेल्स भरें।”

 

फर्जी वेबसाइट: ठग असली बैंक जैसी दिखने वाली हूबहू 'क्लोन वेबसाइट' बनाते हैं। जैसे ही आप उस पर लॉगिन करते हैं, आपका पासवर्ड अपराधी के पास पहुँच जाता है।

 

फिशिंग के प्रकार जो ट्रेंड में हैं

स्मिशिंग (Smishing): जब यह ठगी SMS के जरिए की जाए।

 

विशिंग (Vishing): जब ठग फोन कॉल के जरिए 'बैंक अधिकारी' बनकर आपसे ओटीपी (OTP) मांगते हैं।

 

स्पीयर फिशिंग: यह किसी खास व्यक्ति या कंपनी के कर्मचारी को निशाना बनाकर किया गया अटैक है।

 

बचाव के उपाय: कैसे रहें सुरक्षित?

साइबर एक्सपर्ट्स का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है:

 

लिंक पर क्लिक न करें: किसी भी अनजान ईमेल या मैसेज में दिए गए लिंक को खोलने से बचें।

 

URL चेक करें: किसी भी वेबसाइट पर अपनी जानकारी डालने से पहले स्पेलिंग चेक करें (जैसे: HDFCBank की जगह ठग HDFCBnk लिख सकते हैं)।  (HTTPS): हमेशा देखें कि वेबसाइट के एड्रेस की शुरुआत 'https://' से हो रही है और वहाँ एक 'ताले' (Padlock) का निशान है।

 

OTP साझा न करें: बैंक कभी भी आपसे फोन पर पासवर्ड या ओटीपी नहीं मांगता।

 

टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA): अपने सभी सोशल मीडिया और बैंक अकाउंट्स पर 2FA चालू रखें।

 

विशेषज्ञ की सलाह: यदि आप फिशिंग के शिकार हो जाते हैं, तो बिना देरी किए 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।  Edited by: Sudhir Sharma



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