
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में दो पास-पास की गोदामों में आग लगने से करीब आठ लोगों की मौत हो गई और कई अन्य लापता हो गए।एजेंसी के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि कोलकाता के बाहरी इलाके में, नरेंद्रपुर पुलिस स्टेशन की सीमा के अंदर नजीराबाद इलाके में दो यूनिटों में लगी आग पर सात घंटे की मशक्कत के बाद काबू पा लिया गया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, नजीराबाद में स्थित दो गोदाम, जो एक-दूसरे के बिल्कुल बगल में थे, अचानक आग की लपटों में घिर गए। आग इतनी भीषण थी कि उस पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मियों को लगभग सात घंटे की कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तलाशी अभियान के दौरान करीब पांच बजे घटनास्थल से तीन शव बरामद किए गए और बाद में पांच अन्य शवों को ढूंढ निकाला गया।
पुलिस ने क्या कहा
बारुईपुर जिले के पुलिस अधीक्षक शुभेंदु कुमार ने बताया कि शव बुरी तरह झुलसे होने के कारण अभी मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि मलबा पूरी तरह से साफ होने के बाद ही पता चल पाएगा कि संबंधित स्थल पर कोई और शव तो नहीं है या मलबे में कोई व्यक्ति फंसा तो नहीं है। पुलिस ने बताया कि शुरुआत में छह लोगों के लापता होने की सूचना मिली थी लेकिन फंसे हुए लोगों के परिवारों के मुताबिक यह संख्या 10 से अधिक हो सकती है क्योंकि पास के गोदामों में साज सज्जा का काम करने वाली एक कंपनी और मोमो बेचने वाली एक कंपनी के मजदूर काम करते थे।
अग्निशमन सेवा मंत्री सुजीत बोस ने बताया कि बचाव अभियान जारी है। बोस ने दो इकाइयों के प्रबंधन द्वारा अपनाए जा रहे अग्नि सुरक्षा नियमों के बारे में पूछे जाने पर कहा, “वर्ष में दो बार अग्नि सुरक्षा ऑडिट किया जाता है और हर खामी को दूर किया जाता है, फिर भी मालिकों व कंपनी के अधिकारियों का यह कर्तव्य है कि वे अग्नि सुरक्षा मानकों का पूर्ण रूप से पालन सुनिश्चित करें।” जैसे ही शाम ढलने लगी, मृतकों और लापता व्यक्तियों के कई रिश्तेदार घटनास्थल पर जमा हो गए और अग्निशमन सेवा एवं पुलिस अधिकारियों से स्थिति की जानकारी लेने लगे।