
Asaduddin Owaisi: AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों की कड़ी निंदा की है। उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या अनैतिक और अवैध कृत्य करार दिया।
ओवैसी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर लिखा, ‘ट्रंप और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमले पूरी तरह से निंदनीय हैं, विशेषकर तब जब जिनेवा में ईरान-अमेरिका वार्ता चल रही थी। पूरे ईरान में 200 से अधिक लोग मारे गए हैं, जिनमें 108 वे लोग शामिल हैं जो एक लड़कियों के स्कूल पर हमले में मारे गए। आयतुल्लाह खामेनेई की हत्या अनैतिक और अवैध कृत्य है। मेरी ओर से हार्दिक संवेदनाएं। ईरान पर ये हमले तुरंत रोके जाने चाहिए, अन्यथा पूरा क्षेत्र अस्थिरता में घिर जाएगा।’
इजरायल आक्रामक और उपद्रवी शक्ति- ओवैसी
उन्होंने आगे कहा, ‘हमें यह भी याद रखना चाहिए कि लगभग 1 करोड़ भारतीय इसी क्षेत्र में काम करते हैं। इजरायल का ईरान पर और पाकिस्तान का अफगानिस्तान पर हमला यह दिखाता है कि इजराइल और पाकिस्तान अपने-अपने पड़ोस में आक्रामक और उपद्रवी शक्तियां हैं।’
असदुद्दीन ओवैसी ने प्रसिद्ध शायर अल्लामा इकबाल की पंक्ति लिखते हुए कहा, ‘मौत की लेकिन दिल-ए-दाना को कुछ परवाह नहीं, शब की खामोशी में जुज हंगामा-ए-फ़र्दा नहीं, मौत को समझे हैं गाफिल इख्तिताम-ए-जिंदगी, है ये शाम-ए-जिंदगी सुबह-ए-दवाम-ए-जिंदगी।’
ईरान के शीर्ष नेताओं को बनाया गया निशाना
अमेरिका और इजरायल के संयुक्त अभियान में ईरान के शीर्ष नेताओं को टारगेट किया गया था, जिसमें सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई, उनके परिवार के सदस्य- बेटी-दामाद-बहू समेत आईआरजीसी के कमांडर मोहम्मद पकपूर, डिफेंस मिनिस्टर अमीर नासिरजादेह, अली शमखानी, इस्माइल कानी और मोहम्मद बघेरी प्रमुख शामिल रहे।
जानकारी के मुताबिक, तेहरान में हुए हमले में लगभग 40 से ज्यादा उच्चस्तरीय नेता मारे गए। ईरान के न्यूक्लियर साइट्स और मुख्यालय बुरी तरह से तहस-नहस हो गए। वहीं ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई में मिसाइलें दागीं।