
उन्नाव रेप केस को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने दोषी पूर्व बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के भाई जयदीप सिंह सेंगर को राहत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने अंतरिम जमानत को बढ़ाने से साफ इनकार करते हुए जयदीप सेंगर को सरेंडर करने का आदेश दिया है। दोनों भाईयों ने अपनी 10 साल की सजा पर रोक की मांग को लेकर अदालत का रुख किया है।
उन्नाव कस्टोडियल डेथ केस में दिल्ली हाई कोर्ट ने जयदीप सिंह सेंगर उर्फ अतुल सिंह को कल तक सरेंडर करने का आदेश दिया। वह उन्नाव कस्टोडियल डेथ केस में कुलदीप सिंह सेंगर के साथ दोषी है।
जयदीप सिंह सेंगर को सरेंडर करने का आदेश
जयदीप सिंह सेंगर ने भाई कुलदीप सेंगर के साथ दिल्ली हाई कोर्ट से 10 साल की सजा को सस्पेंड करने की मांग कर रहे हैं। हाई कोर्ट ने स्टेटस रिपोर्ट तलब की है। उनके वकील ने कहा कि जयदीप सिंह सेंगर कल जेल अधिकारियों के सामने सरेंडर करेंगे।
अंतरिम जमानत को बढ़ाने की मांग HC ने की खारिज
शुक्रवार को दिल्ली HC में जयदीप सेंगर की उस याचिका पर सुनवाई हुई, जिसमें उन्होंने स्वास्थ्य कारणों (मुंह का कैंसर) का हवाला देते हुए अपनी अंतरिम जमानत को तीन महीने और बढ़ाने की मांग की थी। कोर्ट ने पाया कि जुलाई 2024 में मिली अंतरिम जमानत को अप्रैल 2025 में आखिरी बार बढ़ाया गया था। इसके बाद पांच तारीखों पर भी कोई विस्तार आदेश नहीं आया।
यह मामला उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की मौत से जुड़ा है, जिनकी 2018 में ज्यूडिशियल कस्टडी में मौत हो गई थी। यह आदेश कुलदीप सिंह सेंगर के लिए एक और बड़ा झटका है, जो 2017 में उन्नाव में एक नाबालिग से रेप के लिए पहले से ही उम्रकैद की सजा काट रहा है। दिसंबर 2025 में दिल्ली हाईकोर्ट ने बलात्कार केस में उनकी सजा निलंबित की थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उस आदेश पर रोक लगा दी थी।