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ट्रंप की राहत भरी बातों से शेयर बाजार में जबरदस्त उछाल सेंसेक्स और निफ्टी अंक चढ़ा…


वैश्विक बाजारों से संकेत लेते हुए देसी शेयर बाजार में भी आज शानदार तेजी देखी गई और सूचकांकों ने 2 अप्रैल को हुए नुकसान की भरपाई कर ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा वाहन आयात शुल्क पर संभावित रोक और चुनिंदा इलेक्ट्रॉनिक्स पर शुल्क में छूट बढ़ाने के संकेत दिए जाने के बाद बाजार में तेजी आई है। दोनों प्रमुख सूचकांकों ने 5 महीने की सबसे बड़ी बढ़त दर्ज की।

सेंसेक्स 1,578 अंक या 2.1 फीसदी चढ़कर 76,735 पर बंद हुआ। निफ्टी 500 अंक या 2.2 फीसदी की बढ़त के साथ 23,329 पर बंद हुआ। 22 नवंबर के बाद सूचकांकों में यह सबसे बड़ी उछाल है। बंबई स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 10.7 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 412.2 लाख करोड़ रुपये हो गया। आज की तेजी के साथ घरेलू शेयर बाजार 2 अप्रैल के स्तर को पार करने वाला एकमात्र प्रमुख वैश्विक बाजार बन गया। ट्रंप ने 2 अप्रैल को विभिन्न देशों पर जवाबी शुल्क लगाने की घोषणा की थी जिससे दुनिया भर के शेयर बाजारों में भारी गिरावट आई थी और लगभग 10 लाख करोड़ डॉलर का नुकसान हुआ था।

बाजार में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी ट्रंप द्वारा व्यापार वार्ता में शामिल देशों के लिए अतिरिक्त शुल्कों पर 90 दिनों की रोक लगाने के बाद आई है। शुल्क छूट का दायरा स्मार्टफोन, कंप्यूटर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों तक बढ़ाया गया है। सोमवार को ट्रंप ने वाहन आयात पर जवाबी शुल्क में अस्थायी राहत का संकेत दिया था ताकि विनिर्माताओं को अमेरिका में कारोबार स्थापित करने का समय मिल सके। हालांकि इसके लिए कोई समयसीमा तय नहीं की गई है।

यह कदम अगले महीने निर्धारित आयातित वाहनों और कलपुर्जों पर 25 फीसदी शुल्क लगाने की योजना से पहले उठाया गया है। हालांकि ट्रंप प्रशासन सेमीकंडक्टर और दवा आयात पर शुल्क की जांच कर रहा है, जिससे निवेशक सतर्क हैं।
अप्रत्याशित व्यापार नीतियों के कारण वैश्विक बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड 2 अप्रैल से करीब 13 फीसदी फिसलकर 65.6 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। सोने की चमक बढ़ रही है और वह 3,222 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया है। डॉलर इंडेक्स बढ़कर 99.68 पर आ गया।

येस सिक्योरिटीज के अमर अंबानी ने कहा, ‘निराशावाद ने बाजारों को नीचे खींच लिया था, इसलिए कोई भी सकारात्मक खबर आते ही बाजार उछल जाता है।’ उन्होंने कहा, ‘भारत अपने घरेलू मांग और शुल्क पर नपे-तुले नजरिये के कारण अपेक्षाकृत मजबूत स्थिति में है। लेकिन नए उत्प्रेरकों के बिना अगले 3 से 6 महीनों के लिए मुनाफावसूली से बढ़त सीमित हो जाएगी।’


First Published – April 15, 2025 | 10:32 PM IST



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