
Acharya Pramod Krishnam On Sanatan Sammelan: रिपब्लिक मीडिया नेटवर्क के ‘सनातन सम्मेलन’ में अध्यात्म, राष्ट्रवाद और संस्कृति का एक अनूठा संगम देखने को मिला। इस भव्य मंच पर देश के नामी संतों और विचारकों ने शिरकत की, जिसमें कल्कि धाम के सर्वेसर्वा आचार्य प्रमोद कृष्णम भी शामिल हुए। इस सम्मेलन में उन्होंने कहा सतयुग, द्वापर और त्रेता युग में भी अधर्म था, लेकिन उसे बचाने के लिए हमेशा किसी न किसी रूप में भगवान ने जन्म लिया है। उन्होंने कहा अगर दुनिया में कोई धर्म है, तो वो सनातन ही सनातन है। आगे उन्होंने सनातन के खिलाफ हो रहे षड्यंत्र के सवाल का भी बखूबी तरीके से जवाब दिया।
दुनिया में कोई धर्म है, तो वो सनातन ही सनातन है
‘सनातन सम्मेलन’ में एक सवाल का जवाब देते हुए कल्कि धाम के सर्वेसर्वा आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा ‘सनातन के खिलाफ षड्यंत्र इसलिए हो रहे हैं और इसलिए हुए हैं, क्योंकि दुनिया का एक धर्म है, मैच पूरी दुनिया की बात कर रहा हूँ, सिर्फ भारत की बात नहीं कर रहा हूँ, पूरी दुनिया में जिनको हम धर्म के नाम से जानते हैं और प्रचलित है, वो धर्म नहीं है। अगर पूरी दुनिया कोई धर्म है, तो वो सनातन और सनातन ही है।’
एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा ‘दुनिया में जितने भी धर्म है, वो धर्म क्यों नहीं है, तो मैं बताना चाहता हूँ कि ये धर्म इसलिए नहीं है, क्योंकि किसी की उत्पत्ति पांच सौ साल पहले हुई है, तो किसी की एक हजार पहले हुई तो किसी की दो हजार साल पहले हुई और ये सभी धर्म प्रचलन में कहे जा रहे हैं, वो आदमी के द्वारा बनाए गए नियमों के आधार पर है। धर्म को आदमी ने बनाया है, उसे मिटना तय है, लेकिन धर्म वो होता है, जो कभी मिट नहीं सकता।’
सनातन किसी के द्वारा नहीं बनाया गया
एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा ‘सनातन किसी के द्वारा नहीं गया बनाया। कोई नहीं बोल सकता है कि सनातन को मैंने बनाया है। यहां तक कि जिनको हमने भगवान के रूप में माना है, हमारी आस्था की आधार है श्री राम, आस्था के केंद्र है भगवान श्रीकृष्ण,लेकिन जब श्री राम धरती पर अवतरित हुए तब भी सनातन था, जब भगवान श्रीकृष्ण धरती पर आए तब भी सनातन था। यानी भगवान राम और कृष्ण भी नहीं कह सकते हैं कि मैंने सनातन बनाया। इसलिए कल्कि भी आएगा और सनातन भी रहेगा।’