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पटना में जिला प्रशासन की फ्लाइंग स्क्वायड टीम ने बुधवार को पीएमसीएच और एनएमसीएच का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान पीएमसीएच में अवैध वसूली करते एक दलाल को रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया, जबकि मरीजों से पैसे लेते पाई गई एक महिला सफाईकर्मी को तत्काल प्रभाव से सेवामुक्त कर दिया गया। DM एम एस त्यागराजन के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के आदेशानुसार सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में दलालों की अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार औचक जांच की जा रही है। जांच टीम में दंडाधिकारी, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी शामिल थे। पीएमसीएच में अपर जिला दंडाधिकारी (नगर व्यवस्था) के नेतृत्व में दो सिटी मजिस्ट्रेट, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (स्वास्थ्य) और पुलिस अधिकारियों की टीम ने ओपीडी, दवा वितरण केंद्र, पैथोलॉजी, इमरजेंसी वार्ड, ब्लड बैंक और स्टोर का निरीक्षण किया। मरीज के परिजन से खुलेआम कर रहा था वसूली शमीम अख्तर नामक एक व्यक्ति को मरीजों और उनके परिजन से अवैध वसूली करते हुए पकड़ा गया। वह खुद को छपरा के इमामगंज का निवासी बता रहा था। धावा दल ने उसे स्थानीय थाने को सौंप दिया और अस्पताल प्रशासन ने उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। डीएम ने अस्पताल परिसर में बाहरी एम्बुलेंस के प्रवेश पर भी रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि अस्पताल परिसर को धांधली मुक्त बनाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। बिचौलियों की गतिविधियों को सख्ती से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। एनएमसीएच में भी छापेमारी एनएमसीएच में अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सिटी के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने विभिन्न वार्डों और काउंटरों का निरीक्षण किया। यहां रेड के दौरान कोई अवैध गतिविधि नहीं पाई गई। अस्पताल प्रशासन को सरकार के निर्देशों के अनुसार पारदर्शी और जवाबदेह तरीके से मरीजों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए।
दलालों और दोषी कर्मियों पर होगी सख्त कार्रवाई डीएम ने कहा कि जिला प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि सरकारी अस्पतालों में निजी नर्सिंग होम, जांच केंद्र और दवा दुकानों से जुड़े लोग मरीजों को गुमराह कर निजी संस्थानों में भेज रहे हैं। ऐसे व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, इन गतिविधियों में शामिल सरकारी कर्मियों को भी चिन्हित कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ विधिसम्मत कठोर कदम उठाए जाएंगे।
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