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नितिन नबीन बने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कई दिग्गजों को छोड़ युवा नेता पर क्यों खेला दांव…



BJP President Nitin Nabin: बिहार के युवा नेता और पूर्व मंत्री नितिन नबीन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर अपनी नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। उनका बीजेपी अध्यक्ष बनना तय है। मंगलवार, 20 जनवरी को इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी। अध्यक्ष पद के लिए नबीन ने आज, 19 जनवरी को नामांकन दाखिल किया है। क्योंकि राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए केवल नितिन नबीन ने ही नामांकन भरा है, इसलिए उनका निर्विरोध चुना जाना तय है।

नितिन नबीन के पक्ष में मिले 37 सेट नामांकन पत्र 

कार्यक्रम के अनुसार आज, 19 जनवरी 2026 को बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच नामांकन प्रक्रिया पूरी की गई। राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नितिन नबीन के पक्ष में 37 सेट नामांकन पत्र प्राप्त हुए। जांच करने पर, सभी नामांकन पत्र निर्धारित प्रारूप में सही ढंग से भरे हुए पाए गए और वैध थे। नाम वापस लेने की अवधि के बाद BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नितिन नवीन का ही नाम प्रस्तावित किया गया है।

ये चर्चा लंबे समय से थी कि जेपी नड्डा के बाद बीजेपी की कमान कौन संभालेगा? इसके लिए बीजेपी के कई दिग्गज नेताओं के नामों की भी चर्चा थी, लेकिन हाईकमान ने फिर सरप्राइज करते हुए 15 दिसंबर 2025 को नितिन नबीन को बीजेपी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया। सवाल उठता है कि क्यों पार्टी ने दिग्गजों को छोड़ युवा नेता पर क्यों दांव खेला?

Gen-Z वोटर्स को लुभाना चाहती है BJP?

इसके पीछे कई कारण देखे जा सकते हैं। इसमें बड़ी वजह जेन-जेड (Gen Z) यानी युवा वोटर्स। नितिन नबीन बीजेपी के इतिहास के सबसे युवा अध्यक्ष बने हैं। बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक नबीन 45 साल के हैं। दूसरी ओर कांग्रेस के वर्तमान अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे 83 साल के हैं। ऐसा माना जा रहा है कि उनके जरिए बीजेपी जेन जी को लुभाना चाहती है।

नितिन नबीन के नामांकन को लेकर BJP सांसद अनुराग ठाकुर ने बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा, “नितिन नबीन को चुनने का बीजेपी का फैसला न सिर्फ पार्टी के लिए बल्कि देश के लिए भी गर्व की बात है। यह PM मोदी की तरफ से Gen Z के लिए एक बड़ा मैसेज है, जिसमें उन्हें राजनीति में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। आने वाले चुनावों में, हम नितिन नवीन के नेतृत्व में चुनाव लड़ेंगे और PM मोदी की लोकप्रियता हमें जीतने में मदद करेगी।”

बंगाल चुनाव पर है पार्टी का फोकस

बिहार के बाद अब बीजेपी का फोकस पश्चिम बंगाल चुनाव पर है। नितिन नबीन कायस्थ जाति से ताल्लुक रखते हैं। यूपी और बिहार के अलावा ये जाति पश्चिम बंगाल में भी अच्छी खासी है। पश्चिम बंगाल में 37 सालों तक कायस्थ जाति से नाता रखने वाले दो मुख्यमंत्री रहे हैं। ज्योति बसु 23 साल और चटर्जी 14 साल तक सीएम पद पर रहे हैं।

बंगाल में कायस्थ की आबादी करीब 27 से 30 लाख है और ये हिंदू आबादी में प्रभावशाली जातियों में है। कोलकाता, हुगली, हावड़ा और नार्थ 24 परगना जैसे शहरों में इनकी अच्छी खासी आबादी है। नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने बंगाल की 78 सीटों पर मास्टर स्ट्रोक खेलने की कोशिश की है।

इन चुनावों में अहम होगी भूमिका

BJP के संविधान के अनुसार नितिन नबीन अगले तीन साल तक पार्टी के अध्यक्ष के रूप में काम करेंगे। उनका कार्यकाल जनवरी 2029 तक होगा। अप्रैल-मई 2029 में आम चुनाव होंगे। उनके कार्यकाल में अगले साल 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात जैसे अहम राज्यों में विधानसभा के चुनाव होंगे। इन चुनावों में नितिन नबीन की भूमिका अहम हो सकती है।

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