
Middle East Crisis Flights Fare: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल के बीच छिड़ी जंग ने वैश्विक हवाई यातायात को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते हमलों के बीच UAE के प्रमुख हवाई अड्डों दुबई इंटरनेशनल और अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
इसके बंद होने से भारत से यूरोप और अमेरिका जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि दुबई यात्रियों के लिए सबसे बड़ा कनेक्टिंग हब माना जाता है। ऐसे में भारत से लंदन और न्यूयॉर्क जाने वाली नॉन-स्टॉप फ्लाइट्स की मांग में अचानक आई तेजी के कारण हवाई किराए आसमान छू रहे हैं।
इजरायल-अमेरिका ने किया ईरान पर हमला
विवाद की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई, जब इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर एयर स्ट्राइक की। इसके जवाब में ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन हमलों से जवाबी कार्रवाई की। युद्ध के बिगड़ते हालातों को देखते हुए कई देशों ने सुरक्षा कारणों से अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है। ऐसी स्थिति में अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस अब इन क्षेत्रों से गुजरने के बजाय लंबे और वैकल्पिक रास्तों का चुनाव कर रही हैं।
इससे न केवल सफर का समय बढ़ गया है बल्कि ईंधन की लागत बढ़ने से टिकटों की कीमतों में भी भारी इजाफा हुआ है। दुबई और कतर जैसे सस्ते वन-स्टॉप विकल्प के बंद होने से अब यात्री एयर इंडिया और वर्जिन अटलांटिक जैसी एयरलाइंस की सीधी उड़ानों की ओर रुख कर रहे हैं।
इसके बाद भारी मांग और सीमित सीटों की वजह से दिल्ली से लंदन की नॉन-स्टॉप फ्लाइट का इकॉनमी क्लास का किराया आसमान छू रहा है। बता दें, आम दिनों में यह किराया 60-70 हजार रुपये होता था, अब वह 1.5 लाख रुपये के पार पहुंच गया है। यही नहीं, कुछ रुट्स पर तो इकॉनमी क्लास का किराया बिजनेस क्लास की कीमतों को टक्कर दे रहा है।
कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द
युद्ध की इस स्थिति में एयर इंडिया ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए दिल्ली, मुंबई और अमृतसर से लंदन, न्यूयॉर्क, शिकागो और फ्रैंकफर्ट जैसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी हैं। वहीं, अमीरात और कतर जैसी एयरलाइंस अभी भी लिमिटेड कनेक्शन दे रहे हैं, जिससे सीटों की उपलब्धता बहुत कम है।