
मणिपुर में करीब एक साल बाद राष्ट्रपति शासन हट गया है। गृह मंत्रालय ने आज, 4 फरवरी को एक नोटिफिकेशन जारी कर मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को तत्काल प्रभाव से खत्म करने की घोषणा की है। अधिसूचना जारी होने के बाद प्रदेश में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। BJP नेता युमनाम खेमचंद सिंह राज्य के अगले मुख्यमंत्री होंगे। वो आज शाम ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
मणिपुर में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो गया है। तमाम अटकलों के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर में विधायक दल का नेता चुना। जिसके बाद आज, 4 फरवरी को वो मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण से पहले प्रदेश में करीब एक साल से लागू राष्ट्रपति शासन को हटा दिया गया।
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन तत्काल प्रभाव से खत्म
गृह मंत्रालय ने आज,बुधवार को एक अधिसूचना जारी कर मणिपुर में राष्ट्रपति शासन को तत्काल प्रभाव से खत्म करने की घोषणा की है। जिससे नई सरकार गठन का रास्ता साफ हो गया है। बीजेपी के वरिष्ठ विधायक युमनाम खेमचंद सिंह, जिन्हें मंगलवार को ही विधायक दल का नेता चुना गया था आज शाम 6 बजे इंफाल के लोक भवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
युमनाम खेमचंद सिंह बनेंगे मुख्यमंत्री
मणिपुर विधानसभा में JD(U) के एकमात्र विधायक ने वहां NDA सरकार को समर्थन दिया है। इधर शपथ ग्रहण से पहले युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में एनडीए के विधायकों ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात कर सरकार गठन का दावा पेश किया। उनके साथ बीजेपी के केंद्रीय पर्यवेक्षक तरुण चुघ, पूर्वोत्तर प्रभारी संबित पात्रा और प्रदेश अध्यक्ष ए. शारदा देवी भी मौजूद थे।
BJP विधायक युमनाम खेमचंद सिंह, जो सिंगजामेई निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं, पहले मणिपुर विधानसभा के स्पीकर (2017-2022) और एन बीरेन सिंह की दूसरी सरकार में कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। कैबिनेट मंत्री के तौर पर उनके पास नगर प्रशासन, आवास विकास, ग्रामीण विकास और शिक्षा जैसे मंत्रालय थे।
मणिपुर में क्यों लगा था राष्ट्रपति शासन
गौरतलब है कि मणिपुर में 3 मई 2023 से जारी मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा के बाद राज्य में पहली बार सरकार गठन तक का रास्ता साफ हो पाया है। हिंसा में 200 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने फरवरी 2025 में इस्तीफा दे दिया था, जिसके बाद 13 फरवरी 2025 को राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था। यह शासन आज, 4 फरवरी 2026 को हटाया गया है।