
IRCTC LPG Crisis: पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध की स्थिति का सीधा असर अब भारतीय रेलवे की रसोई पर दिखने लगा है। इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) ने गैस सिलेंडरों की कमी की आशंका को देखते हुए देश भर के रेलवे स्टेशनों पर स्थित कैटरिंग यूनिट्स के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
अब स्टेशनों पर बने फूड प्लाजा, जन आहार और रिफ्रेशमेंट रूम्स में खाना बनाने के लिए पारंपरिक गैस सिलेंडरों के बजाय माइक्रोवेव और इंडक्शन कुकर जैसे बिजली से चलने वाले उपकरणों पर जोर दिया जाएगा।
दरअसल, गैस सप्लाई में इस व्यवधान का मुख्य कारण 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए संयुक्त हमलों को माना जा रहा है। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौत के बाद पश्चिम एशिया में स्थिति विस्फोटक हो गई है।
भारत अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा इन्ही देशों से आयात करता है, जिससे सप्लाई चेन पूरी तरह चरमरा गई है। इसी के मद्देनजर भारत सरकार ने ‘अनिवार्य वस्तु अधिनियम 1955’ (Essential Commodities Act) लागू कर दिया है, ताकि उपलब्ध गैस का सही वितरण किया जा सके।
‘रेडी टू ईट’ खाने का बढ़ेगा स्टॉक
IRCTC ने अपने सभी जोनल कार्यालयों को सतर्क कर दिया है। 10 मार्च 2026 को जारी एक सर्कुलर के अनुसार, अब कैटरिंग यूनिट्स को ‘रेडी टू ईट’ (RTE) यानी पहले से तैयार भोजन का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा गया है। यह एक इमरजेंसी प्लान की तरह है ताकि यदि गैस की किल्लत बढ़ती है, तो यात्रियों को पैकेट बंद गर्म भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
कमर्शियल इस्तेमाल पर लगी पाबंदियां
एक तरफ जहां होटलों और रेलवे के लिए कमर्शियल गैस की कमी है, वहीं आम जनता के लिए राहत की खबर है। एलपीजी एसोसिएशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आर.के. गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि घरेलू एलपीजी (Domestic LPG) की सप्लाई में फिलहाल कोई कमी नहीं है।
हालांकि, कमर्शियल सिलेंडरों की आपूर्ति को रेगुलेट किया गया है और केवल अस्पतालों व शिक्षण संस्थानों को ही इससे छूट दी गई है। इसके अलावा, सरकार ने घरेलू सिलेंडरों की दोबारा बुकिंग (Refill) के लिए अब 25 दिनों का अनिवार्य अंतर तय कर दिया है, ताकि जमाखोरी को रोका जा सके।