
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका द्वारा भारत पर लगाए जा रहे टैरिफ में कटौती की घोषणा की है। ट्रंप के इस ऐलान के बाद कांग्रेस ने पीएम मोदी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, पीएम मोदी किसी वजह से राष्ट्रपति ट्रंप के सामने साफ तौर पर दबाव में दिखाई देते हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, वॉशिंगटन में साफ तौर मोगैम्बो खुश है।
जयराम रमेश ने एक्स पर पोस्ट कर ट्रंप की घोषणा को ‘ट्रंप पर डिपेंडेंसी’ करार दिया। उन्होंने लिखा कि ऑपरेशन सिंदूर की रोक का ऐलान वाशिंगटन से हुआ। रूस और वेनेजुएला से तेल खरीद के अपडेट भी वाशिंगटन से आए। अब भारत-अमेरिका ट्रेड डील का ऐलान भी वाशिंगटन से। राष्ट्रपति ट्रंप को प्रधानमंत्री मोदी पर स्पष्ट रूप से कुछ लीवरेज है। पीएम मोदी ट्रंप का सामना नहीं करना चाहते थे। गले लगने की बात तो दूर थी। लेकिन, अब लगता है मोदी जी आखिरकार ट्रंप के सामने झुक गए हैं। यह ‘फादर ऑफ ऑल डील्स’ नहीं हो सकता। वाशिंगटन में स्पष्ट रूप से यह धारणा है कि मोगैंबो खुश है। जयराम रमेश का यह पोस्ट वायरल हो रहा है।
भारत को हर बात ट्रंप से पता चलती है: जयराम रमेश
उन्होंने कहा, ‘ऐसा लगता है कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने आज एक दूसरे से बात की है। यह जानकारी भारत की ओर से नहीं, बल्कि भारत में अमेरिकी राजदूत की ओर से दी गई है। लगता है कि यह अब नियमित हो गया है कि भारत को अपनी सरकार के कार्यों के बारे में केवल राष्ट्रपति ट्रंप या उनके द्वारा नियुक्त प्रतिनिधियों से ही पता चलता है।’ उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह ‘ट्रंप-निर्भरता’ है।
INDI गठबंधन का रवैया गलत: नड्डा
राज्यसभा में विपक्षी सांसदों द्वारा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का मुद्दा उठाने पर, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने कहा, “कल देर रात, अमेरिकी राष्ट्रपति ने टैरिफ पर ट्वीट किया और पीएम मोदी को सच्चा दोस्त बताया। इसके बाद, पीएम ने ट्वीट करके अमेरिकी राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया और व्यापार के बारे में बात की। सरकार इस व्यापार समझौते पर खुद से एक बयान जारी करेगी और इस पर चर्चा भी करेगी। जब सरकार विस्तार से बयान देने के लिए तैयार है, तो कांग्रेस और INDI गठबंधन का यह रवैया गलत है। यह उनकी निराशा है जो बोल रही है।”
अमेरिका से महंगा तेल देश को खरीदना पड़ेगा: संजय सिंह
AAP सांसद संजय सिंह ने कहा, “कृषि क्षेत्र में US के लिए बाजार खोलकर भारत के करोड़ों किसानों के पीठ और पेट में छूरा मारने का काम नरेंद्र मोदी की सरकार ने किया है। ये समझौता देश के किसानों के साथ विश्वासघात है। अमेरिका का राष्ट्रपति कह रहा है कि अब भारत रूस से तेल नहीं खरीदेगा। यानि अमेरिका से महंगा तेल देश के लोगों को खरीदना पड़ेगा।
आपने देश के लोगों को दोहरी मार दी। देश के लोगों के साथ विश्वासघात किया। जिस कृषि क्षेत्र को हमेशा संरक्षित रखा गया कि भारत में बाहर का विदेशी सामान आकर सस्ते दामों में बिकने लगेगा तो देश के किसान बर्बाद हो जाएंगे। आज नरेंद्र मोदी की सरकार ने करोड़ों किसानों के साथ धोखा करने का काम किया है। सड़क से लेकर सदन तक हम इसका विरोध करेंगे।”
घोषणा भारत सरकार की ओर से क्यों नहीं?
सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा, “क्या पहले भी टैरिफ 18% था? ये प्रश्न उठाता है कि इसकी घोषणा भारत सरकार की ओर से नहीं हुई है, US के राष्ट्रपति ट्रंप ने इसकी घोषणा की है। US का रवैया दर्शाता है कि जिस प्रकार से डील करना चाहिए उस तरह से हमारा विदेश मंत्रालय डील नहीं कर पा रहा है।”