
EPFO Update: भारत में नौकरी करने वाले लाखों लोगों के लिए श्रम मंत्रालय ने बड़ा कदम उठाया है। कर्मचारियों की पुरानी बचत को वापस लाने और प्रोसेस को तेज करने के लिए खास फैसला लिया गया है। EPFO 3.0 के तहत अब PF क्लेम सिर्फ 3 दिन में सेटल हो जाएंगे।
साथ ही बड़ा अपडेट यह भी है कि, जिन खातों में 1000 रुपये या उससे कम रकम पड़ी है और तीन साल से कोई योगदान नहीं आया, उनका पैसा खुद कर्मचारी या उनके नॉमिनी के आधार-लिंक्ड बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो जाएगा। किसी फॉर्म या दफ्तर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह फैसला उन लाखों नौकरीपेशा लोगों के लिए राहतभरा है जो पुरानी नौकरी छोड़ने के बाद अपने छोटे पीएफ बैलेंस भूल जाते हैं।
EPFO के पास अभी कुल 31.86 लाख इनऑपरेटिव खाते हैं जिनमें 10,903 करोड़ रुपये पड़े हैं। इनमें से पहले चरण में 7.11 लाख खातों (जिनमें 30.52 करोड़ रुपये हैं) को चुना गया है। श्रम मंत्री मनसुख मांडविया ने इस पायलट प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है।
EPFO 3.0 एक बड़ा डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन प्रोजेक्ट है। राज्यसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, जो क्लेम रिस्क चेक पास कर लेंगे, उन्हें ऑटो मोड में सेटल किया जाएगा। पहले यह प्रक्रिया 20 दिन तक लग जाती थी। अब यह 3 दिन से भी कम हो जाएगी। इसके लिए कोई मैनुअल इंटरवेंशन नहीं होगा, सब ऑटोमैटिक ही हो जाया करेगा।
EPFO के नियमों के मुताबिक, अगर किसी PF खाते में लगातार 36 महीने (तीन साल) तक न तो कर्मचारी और न ही कंपनी की तरफ से कोई नया योगदान आता, तो वह खाता इनऑपरेटिव हो जाता है। ऐसे खातों में पड़ा पैसा पहले अटक जाता था। अब छोटे बैलेंस वाले खातों को ऑटो रिफंड मिलेगा।
इनऑपरेटिव खातों में कुल 30.52 करोड़ रुपये पड़े हैं, जो सीधे आधार से लिंक बैंक में भेजे जाएंगे। इसके लिए कोई क्लेम फॉर्म या ऑफिस विजिट नहीं करना पड़ेगा। वहीं, अगर कर्मचारी का निधन हो चुका है तो नॉमिनी या लीगल हेयर को पैसा मिलेगा, यह पायलट सफल रहा तो बाकी बड़े बैलेंस वाले खातों को भी शामिल किया जाएगा। EPFO ने साफ किया है कि पैसा सिर्फ आधार-सीडेड और वेरिफाइड बैंक अकाउंट में ही भेजा जाएगा। अब पुरानी नौकरी के छोटे PF बैलेंस भूलने की टेंशन खत्म हो जाएगा। पैसा अपने आप आएगा। साथ ही नई नौकरी में क्लेम करने पर भी सिर्फ 3 दिन का इंतजार करना होगा, इससे लाखों रुपये का पैसा सक्रिय होगा और ब्याज भी बरकरार रहेगा।