
मध्य प्रदेश के धार स्थित विवादित धार्मिक स्थल भोजशाला में बसंत पंचमी पर शुक्रवार को विशेष व्यवस्था की गई है। सूर्योदय के साथ हिंदू पक्ष ने पूजा शुरू की, जबकि दोपहर 1 से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा की जाएगी। आमतौर पर बसंत पंचमी पर पूजा और जुमे के दिन नमाज की ही अनुमति रहती है, लेकिन जब दोनों एक ही दिन पड़ते हैं तो तनाव की स्थिति बनती है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स के 8000 से ज्यादा जवान तैनात किए गए हैं। इनमें 13 एसपी रैंक अधिकारी, 25 एएसपी, 67 डीएसपी/सीएसपी रैंक के अधिकारी शामिल हैं। वहीं, मोर्चे पर 933 महिला पुलिसकर्मी और 8 RAF प्लाटून भी हैं, जबकि 1,500-2,000 अतिरिक्त जवान रिजर्व में हैं। इलाके की निगरानी ड्रोन और AI तकनीक से की जा रही है।
शहर के हर कोने की 3D मैपिंग
धार जिला प्रशासन ने भोजशाल परिसर में पूजा और नमाज के मद्देनजर सुरक्षा के सारे पुख्ता इंतजाम कर लिए हैं। प्रशासन ने शहर के हर कोने की 3D मैपिंग पूरी कराई है, ताकि पुलिस कंट्रोल रूम से छतों, संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों की लाइव निगरानी की जा सके।
धार शहर को 7 जोन में बांटा गया
धार एसपी मयंक अवस्थी ने भोजशाला में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कहा- सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। धार शहर को 7 जोन में बांटा गया है, जिन्हें एसपी रैंक के अफसर मॉनिटर कर रहे हैं। एक-एक गली चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर है। भोजशाला को 6 सेक्टर में बांटा गया है। श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो इसको ध्यान में रखते हुए व्यापक व्यवस्था की गई है। ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी हो रही है। एसपी अवस्थी ने नमाज को लेकर कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश अनुसार व्यवस्था की गई है।
भोजशाला परिसर का 300 मीटर क्षेत्र नो-फ्लाई जोन
भोजशाला क्षेत्र के 300 मीटर के दायरे में नो-फ्लाई जोन घोषित है। इस दायरे में ड्रोन, यूएवी, पैरा ग्लाइडिंग, हॉट एयर बैलून सहित ऐसी किसी भी गतिविधि पर पूरी तरह पाबंदी है। सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर भवन निर्माण सामग्री, मलबा, टायर और लावारिस गुमटियां रखने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।