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दिल्ली में अपराध कम हुआ या बढ़ा स्नैचिंग और उगाही पर लगाम नहीं जानिए क्या कहते हैं रेप हत्या के आंकड़े…


Delhi Crime Statistics

दिल्ली में अपराध के आंकड़े | Image:
AI

Delhi Crime Statistics: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के अपराध आंकड़ों के मुताबिक, 2023 से 2025 तक कई अपराधों में दिल्ली पुलिस केस सुलझाने में कमजोर रह गई, जो आम लोगों की सुरक्षा पर सवाल उठाती है। कई बड़े अपराधों में गिरावट भी दर्ज की गई है। लेकिन रोजमर्रा के अपराधों स्नैचिंग और उगाही जैसे मामलों में सॉल्विंग रेट संतोषजनक नहीं है। वहीं, बड़े अपराध हत्या और रेप मामलों में कमी आई, इसके अलावा राजधानी में महिलाओं से जुड़े अपराधों में थोड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

दिल्ली में अपराध के आंकड़े

बड़े अपराधों में गिरावट दर्ज की गई है, हत्या और लूट मामलों की बात की जाए तो 2023 में 506 हत्याएं दर्ज हुईं, जो 2025 में घटकर 491 रह गईं। हत्या के प्रयास भी कम हुए। पुलिस ने इनमें 95-98% केस सुलझाए। लूट के मामले 1654 से 1326 पर आए, सॉल्विंग रेट 97%।

महिलाओं से जुड़े अपराधों में गिरावट

रेप केस 2023 में 2141 से 2025 तक 1901 हुए। साथ ही महिलाओं के खिलाफ अपराध 2345 से 1708 तक घटे। इसके आलावा छेड़छाड़ में कमी दर्ज की गई। सॉल्विंग रेट 89 प्रतिशत रहा। 2025 में हत्या के मामलों में करीब 95 फीसदी और हत्या के प्रयास में 98 फीसदी से ज्यादा केस सुलझाए गए। ये राहत की बात है कि इन मामलों में पुलिस की सॉल्विंग रेट काफी अच्छा रहा है।

वहीं, लूट की वारदातों में भी लगातार कमी देखने को मिली है। 2023 में 1654 लूट के मामले दर्ज हुए थे, जो 2025 में घटकर 1326 रह गए।

रेप और छेड़छाड़ के मामलों में कमी

इसी तरह रेप के मामलों में भी 2023 के 2141 मामलों के मुकाबले 2025 में 1901 केस सामने आए। इन दोनों अपराधों में भी पुलिस की सॉल्विंग रेट 97 फीसदी के आसपास रही, जो एक सकारात्मक संकेत है।

महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध (M.O. Women) में भी तीन साल में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। 2023 में 2345 मामले थे, जो 2025 में घटकर 1708 रह गए।

छेड़छाड़ (ईव-टीजिंग) के मामलों में भी कमी आई है। 2025 में इन मामलों को सुलझाने की दर करीब 89 फीसदी रही।

उगाही और स्नैचिंग ने चिंता बढ़ाई

हालांकि, उगाही और स्नैचिंग जैसे अपराध अभी भी चुनौती बने हुए हैं। 2025 में उगाही के 212 मामले सामने आए, लेकिन इनमें से सिर्फ करीब 64 फीसदी ही सुलझ पाए। स्नैचिंग के मामलों में भी यही हाल है। 2025 में 5406 स्नैचिंग की घटनाएं दर्ज हुईं, लेकिन सॉल्विंग रेट 64 फीसदी के आसपास रही।

कुल मिलाकर आंकड़े बताते हैं कि दिल्ली में गंभीर अपराधों में कमी आई है और कई मामलों में पुलिस का कामकाज बेहतर रहा है। लेकिन स्नैचिंग और उगाही जैसे रोजमर्रा के अपराधों पर लगाम लगाने के लिए अभी और सख्त कदम उठाने की जरूरत है। आम लोगों की सुरक्षा के लिहाज से फिलहाल स्नैचिंग और उगाही सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई।

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