
महाराष्ट्र निकाय चुनाव 2026, के नतीजों से ना सिर्फ ठाकरे ब्रदर्स को झटका लगा है, बल्कि डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के लिए भी यह परिणाम चौकाने वाला रहा। एकनाथ शिंदे की शिवसेना अपने गढ़ को भी बचाने में कामयाब नहीं रही। जिले की 6 महानगर पालिका में से शिंदे के हाथ सिर्फ एक ठाणे महानगर पालिका ही हाथ लगी। सबसे हैरान करने वाली बात तो यह रही कि एकनाथ शिंदे जिस वार्ड में रहते थे, वहां भी जीत दर्ज नहीं कर पाए।
ठाणे महानगरपालिका चुनाव में एकनाथ शिंदे को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। जिले की 6 महानगर पालिका में से शिंदे की झोली में सिर्फ एक जीत मिली। वहीं, बीजेपी ने अपने दम पर अकेले लड़ते हुए मीरा-भयंदर,नवी मुंबई में शिंदे गुट को पटखनी दे दी। कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका में शिंदे की पार्टी बड़ा भाई बनी लेकिन बीजेपी सिर्फ 3 सीट पीछे है यहां शिवसेना को 53 तो बीजेपी को 50 सीट हाथ लगी है ।
बीजेपी ने एकनाथ शिंदे को दिया झटका
वहीं, उल्हासनगर महानगरपालिका में शिवसेना को 36 सीट मिली तो बीजेपी की 34 सीट मिली। इन नतीजों से साफ होता है की आनेवाले समय में जिले की राजनीति में शिंदे को सबसे बड़ा चैलेंज बीजेपी का रहेगा। बात भिवंडी महानगर पालिका की करें तो कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनी है, उसे 30 सीट हाथ लगी है और वो एनसीपी शरद और अन्य के साथ मिलकर यहां अपना मेयर बिठा सकती है।
बता दें कि ठाणे जिले में शिवसेना बीजेपी का गठबंधन सिर्फ ठाणे महानगर पालिका और कल्याण डोंबिवली महानगरपालिका में हुआ था। वहीं, मीरा-भयंदर, नवी मुंबई, उल्हासनगर और भिवंडी में दोनों अलग लड़े थे। डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे को सबसे बड़ा झटका अपने वार्ड से लगा। जिस वार्ड में वो रहते हैं वहां उद्धव गुट की जीत हुई है।
जिस वार्ड में रहते हैं शिंदे वो भी हारे
ठाणे महानगरपालिका में एकनाथ शिंदे वार्ड नंबर 13-अ में बड़ा उलटफेर हुआ है। यहां शिंदे गुट की शिवसेना को करारी शिकस्त मिली है। इस वार्ड में शिंदे गुट के उम्मीदवार और पूर्व मेयर अशोक वैती को हराकर शाहजी खुपसे ने 667 वोटों से विजय हासिल की। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, खुपसे को 12,860 वोट मिले, जबकि वैती को 12,193 वोट प्राप्त हुए। यह जीत राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, क्योंकि ठाणे को लंबे समय से शिंदे का मजबूत आधार क्षेत्र माना जाता है।