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चुनाव में रिजॉर्ट पॉलिटिक्स की एंट्री एकनाथ शिंदे को क्यों सता रहा खेला होने का डर जानिए विपक्ष कैसे पलट सकता है बाजी…



महाराष्ट्र के नगर निगम चुनावों में सत्तारूढ़ बीजेपी और एकनाथ शिंदे गुट ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। खासकर मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में यह जीत सबसे चौंकाने वाली रही, जहां बीजेपी ने कुल 227 वार्डों में से 118 सीटें हासिल कर लीं। बहुमत के लिए 114 सीटों की जरूरत थी, इसलिए यह जीत महज चार सीटों के मामूली अंतर से आई है। इस जीत के साथ 25 साल से सत्ता पर काबिज उद्धव ठाकरे गुट को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

मेयर चुनाव में किसी तरह का ‘खेला’ न हो, इस डर से डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने अपने गुट के 29 पार्षदों को सुरक्षित रखने के लिए मुंबई के एक होटल में ठहरा दिया है। शिंदे गुट के नेताओं का मानना है कि विपक्ष कोई चाल चली तो महारत चली जाएगी, इसलिए सावधानी बरतना जरूरी था।

विपक्ष की एकजुटता से खतरा: 106 सीटें, 8 पार्षद तोड़ने की कोशिश?

दूसरी ओर, विपक्षी दलों की स्थिति भी मजबूत है। शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे), एनसीपी (एसपी), समाजवादी पार्टी और AIMIM ने मिलकर मुंबई में 106 सीटें जीती हैं, जो बहुमत से केवल 8 सीटें कम हैं। यदि ये दल एकजुट होकर शिंदे गुट के 8 पार्षदों को तोड़ लेते हैं, तो विपक्ष मेयर का चुनाव लड़ सकता है और जीत भी हासिल कर सकता है। राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा जोरों पर है।

उद्धव ठाकरे का बयान: ‘भगवान चाहेंगे तो मेयर हमारा बनेगा’

नतीजों के एक दिन बाद शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए हौसला दिया। उन्होंने कहा, “मुंबई में हमारा मेयर बन सकता है और भगवान ने चाहा तो यह जरूर होगा।” ठाकरे ने बीएमसी परिणाम को हार नहीं, बल्कि प्रतिकूल हालातों में मनोबल बढ़ाने वाला नतीजा बताया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से धैर्य रखने और लड़ते रहने की अपील की।

कुछ दिनों में ड्रामा और तेज हो सकता है

महाराष्ट्र के नगर निगम चुनाव परिणामों ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) में कुल 227 वार्डों के लिए हुए मतदान के नतीजे शनिवार को घोषित हुए। सत्तारूढ़ महायुति यानी बीजेपी और शिवसेना (शिंदे गुट) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 118 सीटें हासिल कीं। बहुमत चिह्न के लिए 114 सीटों की दरकार थी, इसलिए यह जीत बेहद कांटे की साबित हुई।

25 वर्षों से बीएमसी पर कब्जे वाले शिवसेना (यूबीटी) को इस बार करारा झटका लगा। विपक्षी गठबंधन—शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस, एमएनएस, एनसीपी (एसपी), सपा और एआईएमआईएम ने 106 सीटें जीतीं। यदि ये दल एकजुट हो जाएं और महायुति के महज आठ पार्षदों को अपने पाले में कर लें, तो मेयर चुनाव में उलटफेर संभव है।

शिंदे की सतर्कता: पार्षदों को होटल में शिफ्ट किया

इस संभावित खतरे को भांपते हुए डिप्टी मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने तत्काल कदम उठाया। उन्होंने अपने 29 पार्षदों को मुंबई के एक प्रमुख होटल में ठहरा दिया, ताकि मेयर चुनाव से ठीक पहले कोई ‘खेला’ न हो सके। शिंदे गुट के सूत्रों के अनुसार, यह फैसला विपक्ष की संभावित तोड़फोड़ रणनीति को विफल करने के लिए लिया गया।



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