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बार विधायक और बार डिप्टी लेकिन दिल में एक अरमान लिए दुनिया को अलविदा कह गए अजित पवार…


Ajit Pawar

अजित पवार की ख्वाहिश रही अधूरी | Image:
Republic

Ajit Pawar Death news: बारामती विमान हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन ने पूरे प्रदेश को हिलाकर रख दिया। उनकी गिनती महाराष्ट्र के एक कद्दावर नेताओं में होती थी। अजित NCP सुप्रीमो शरद पवार के भतीजे थे और चार दशकों से अधिक समय तक राज्य की सियासत में सक्रिय रहे। वो रिकॉर्ड छह बार महाराष्ट्र के डिप्टी CM बने, लेकिन अजित पवार की एक ख्वाहिश थी, जो अधूरी रह गई।

अजित पवार का निधन उनके गृह नगर बारामती में हुआ। बुधवार (28 जनवरी) सुबह वो चुनाव प्रचार के लिए जा रहे थे, लेकिन लैंडिंग से ठीक पहले विमान दर्दनाक हादसे का शिकार हुआ और प्लेन में सवार सभी 5 लोग मारे गए।

सबसे ज्यादा बार डिप्टी सीएम बनने का बनाया रिकॉर्ड

अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति के एक प्रमुख और प्रभावशाली चेहरे थे। राजनीति में उनका सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा। उनके चाचा शरद पवार से भी रिश्ते खट्टे-मीठे रहे। 4 दशक से भी ज्यादा लंबे राजनीतिक सफर में छह बार ऐसे मौके पर आए, जब उन्होंने महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ ली। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा बार डिप्टी सीएम बनने का रिकॉर्ड उन्हीं के नाम पर हैं।

अजित पवार की ये ख्वाहिश रह गई अधूरी

लेकिन तब भी अजित पवार की एक ख्वाहिश पूरी नहीं हो सकी और वो थी मुख्यमंत्री बनने की। जी हां, अजित महाराष्ट्र के सीएम की कमान संभालना चाहते हैं और उन्होंने अपनी इस इच्छा को कभी दबाया नहीं। वो कई मौकों पर खुलकर इसका इजहार करते नजर आए।

एक मौके पर सीएम न बनने का दर्द बयां करते हुए अजित पवार ने कहा था कि अगर वह शरद पवार के बेटे होते, तो सीएम जरूर बनते। उन्होंने कहा था, “अगर मैं शरद पवार का बेटा होता, तो क्या मुझे मौका नहीं मिलता? जरूर मिलता। मैं शरद पवार का बेटा नहीं हूं, सिर्फ इसलिए मुझे मौका नहीं दिया गया। यह कैसा अन्याय है।”

वहीं, एक बार अजित पवार की मौजूदगी में सीएम फडणवीस ने कहा, “आपको ‘स्थायी डिप्टी सीएम’ कहा जाता है लेकिन मेरी शुभकामनाएं आपके साथ हैं, आप एक दिन सीएम बनेंगे।”

अजित पवार ने साल 1982 में राजनीति में कदम रख दिया था। तब उनकी उम्र 23 वर्ष के थे। अजित ने पहला चुनाव 1991 में बारामती से ही जीता था और सांसद बने थे। बाद में अपने चाचा को लोकसभा भेजने के लिए उन्होंने यह सीट छोड़ दी और विधानसभा में आ गए। तब से अब तक लगातार 8 बार उन्होंने इस सीट का प्रतिनिधित्व किया।

कब- कब बने उपमुख्यमंत्री?

10 नवंबर 2010 – 25 सितंबर 2012 (मुख्यमंत्री: पृथ्वीराज चव्हाण)
25 अक्टूबर 2012 – 26 सितंबर 2014 (मुख्यमंत्री: पृथ्वीराज चव्हाण)
23 नवंबर 2019 – 26 नवंबर 2019 (मुख्यमंत्री: देवेंद्र फडणवीस)
30 दिसंबर 2019 – 29 जून 2022 (मुख्यमंत्री: उद्धव ठाकरे)
2 जुलाई 2023 -वर्तमान (मुख्यमंत्री: एकनाथ शिंदे / देवेंद्र फडणवीस सरकार)
दिसंबर 2024 से देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में एकनाथ शिंदे के साथ अजित पवार उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्यरत रहें।

जब अजित पवार ने की चाचा से बगावत

महाराष्ट्र की राजनीति में 23 नवंबर 2019 का दिन इतिहास के पन्नों में दर्ज हुआ। जब शरद पवार का साथ छोड़कर अजित पवार ने देवेंद्र फडणवीस के साथ उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली और राज्य में सरकार बनाई। हालांकि ये सरकार कुछ ही घंटों के अंदर गिर गई थी। तीन दिन बाद अजित पवार वापस शरद पवार के साथ लौट गए थे।

साल 2023 में अजित पवार ने फिर चाचा से बगावत कर दी और NCP को तोड़कर एनडीए के साथ आए गए और यहां डिप्टी सीएम बने। इतना ही नहीं उन्होंने एनसीपी का असली चुनाव चिन्ह और संगठनात्मक नियंत्रण भी अपने हाथ में ले लिया था।

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