
नई दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे इंडिया एआई इम्पैक्ट 2026 (India AI Summit 2026) में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए शर्टलेस प्रदर्शन पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। घटना के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए 8 से 10 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था। बाद में CCTV फुटेज की जांच के बाद शुक्रवार देर शाम चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। सभी आरोपियों को आज पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कृष्णा हरि (बिहार के सोनपुर जिले के निवासी और इंडियन यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव), कुंदन यादव (बिहार यूथ कांग्रेस सचिव), अजय कुमार (उत्तर प्रदेश यूथ कांग्रेस उपाध्यक्ष) और नरसिम्हा यादव (यूथ कांग्रेस नेशनल को-ऑर्डिनेटर) के रूप में हुई है। फिलहाल इनको तिलक मार्ग थाने में शिफ्ट किया गया है और आज, रविवार को इनकी कोर्ट में पेशी होगी।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं की कोर्ट में पेशी आज
दिल्ली पुलिस ने बताया कि AI समिट में शर्टलेस प्रदर्शन करने के आरोप में इंडियन यूथ कांग्रेस के चार कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है। उन्हें आज पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। दिल्ली पुलिस FIR में कई गंभीर आरोप लगा रही है। उनकी पुलिस के साथ काफी देर तक हाथापाई भी हुई। दिल्ली पुलिस एक बड़ी साजिश की जांच कर रही है।
कैसे भारत मंडपम पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ता
बता दें कि भारत मंडपम पर इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता शुक्रवार दोपहर करीब 12:30 बजे हंगामा शुरू कर दिए। सभी ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था और QR कोड स्कैनिंग के जरिए एंट्री की। उन्होंने ऊपर स्वेटर और जैकेट और नीचे टी-शर्ट पहनी हुई थी, जिन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तस्वीरें छपी थीं। हॉल 5 के पास, अपने स्वेटर और जैकेट उतार दिए फिर अपनी टी-शर्ट लहराते हुए विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान सभी ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
दिल्ली पुलिस की शुरुआती जांच और पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शनकारी पहले काली छतरियां लेकर भारत मंडपम के अंदर जाने और विरोध जताने की योजना बना रहे थे। लेकिन, पुलिस के हाथों पकड़े जाने के डर से उन्होंने आखिरी वक्त पर अपना प्लान बदल लिया।
इसके बाद उन्होंने खास तरह की टी-शर्ट प्रिंट करवाईं, जिन्हें जैकेट के अंदर छिपाकर आसानी से अंदर ले जाया जा सके। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि ये टी-शर्ट कहां प्रिंट करवाई गई और इस पूरी साजिश में और कौन-कौन शामिल था।