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सहरसा के सौरबाजार प्रखंड अंतर्गत सहुरिया पूर्वी पंचायत स्थित मध्य विद्यालय मोर्चा में शुक्रवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब मध्याह्न भोजन (एमडीएम) खाने के बाद करीब 50 बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को पेट दर्द, उल्टी और चक्कर आने की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया और कई बच्चे जमीन पर बैठ गए। भोजन के कुछ देर बाद बिगड़ने लगी हालत जानकारी के अनुसार विद्यालय में रोज की तरह बच्चों को सुबह करीब 10 बजे मध्याह्न भोजन परोसा गया था। भोजन करने के कुछ ही देर बाद कई बच्चों ने पेट में तेज दर्द और घबराहट की शिकायत शुरू कर दी। जब तक शिक्षक स्थिति को समझ पाते, दर्जनों बच्चों को उल्टियां होने लगीं। कुछ बच्चे कमजोरी के कारण जमीन पर लेट गए। यह दृश्य देखते ही स्कूल प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए। गांव में फैली खबर, स्कूल पहुंचे अभिभावक घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया। खबर आग की तरह फैल गई और ग्रामीणों के साथ बच्चों के अभिभावक घबराए हुए स्कूल पहुंचने लगे। स्कूल परिसर में रोते-बिलखते परिजन और बीमार बच्चों को देखकर माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। अस्पताल में भर्ती कर शुरू हुआ इलाज बच्चों की हालत बिगड़ती देख बिना देर किए एम्बुलेंस और स्थानीय लोगों के निजी वाहनों की मदद से सभी बीमार बच्चों को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। एक साथ बड़ी संख्या में बच्चों के अस्पताल पहुंचने से वहां भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्वास्थ्य कर्मियों ने तत्काल सभी बच्चों का इलाज शुरू किया। डॉक्टरों की टीम बच्चों की लगातार निगरानी कर रही है। जिला प्रशासन में मचा हड़कंप इतनी बड़ी घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन में भी हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। जिलाधिकारी समेत शिक्षा विभाग और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अस्पताल पहुंचे और बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली। डीएम ने दिए जांच के निर्देश जिलाधिकारी ने डॉक्टरों को बच्चों का बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। साथ ही पूरे मामले की जांच कराने की बात कही गई है। प्रशासन यह पता लगाने में जुट गया है कि मध्याह्न भोजन में आखिर ऐसी क्या गड़बड़ी हुई, जिससे इतने बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। एमडीएम व्यवस्था पर उठे सवाल घटना के बाद मध्याह्न भोजन योजना की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीणों ने भोजन की गुणवत्ता की जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल सभी बच्चों का इलाज जारी है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
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