![]()
बिहार की राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है। सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि सम्राट सरकार ने लालू परिवार को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया है। कुछ दिन पहले भी आवास खाली करने को लेकर आदेश जारी किया गया था, लेकिन लालू परिवार की ओर से अब तक बंगला खाली नहीं किया गया है। ऐसे में सरकार ने दोबारा सख्त रुख अपनाते हुए अब 15 दिनों का अल्टीमेटम दिया गया है। 10 सर्कुलर रोड यानी राबड़ी आवास में पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव रहते हैं। हालांकि, इस मामले में अभी तक सरकार या संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। राजनीतिक गलियारों में इस खबर को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। 20 साल बाद राबड़ी आवास खाली करने के आदेश 20 साल बाद लालू परिवार को 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास (राबड़ी आवास) खाली करने का नोटिस मिला है। बिहार भवन निर्माण विभाग ने 25 नवंबर 2025 को राबड़ी देवी को पहला नोटिस जारी किया था। भवन निर्माण विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि बिहार विधान परिषद के आवासन के लिए पटना केन्द्रीय पुल की आवास संख्या 39 हार्डिंग रोड अलॉट किया गया है। रोहिणी ने फेसबुक पर लिखा था- सुशासन बाबू का विकास मॉडल। करोड़ों लोगों के मसीहा लालू प्रसाद यादव का अपमान करना पहली प्राथमिकता। घर से तो निकाल देंगे, बिहार की जनता के दिल से कैसे निकालिएगा। सेहत नहीं तो कम से कम लालू जी के राजनीतिक कद का ही सम्मान रखते। इससे ठीक 10 दिन पहले यानी 15 नवंबर को लालू की बेटी रोहिणी आचार्या इसी घर से रोते-रोते निकली थीं। इसके बाद तीन और बेटियों ने राबड़ी आवास छोड़ दिया था। तेजप्रताप को पहले ही लालू यादव पार्टी और परिवार से बाहर कर चुके हैं। इसके बाद से वे अपने इसी सरकारी आवास में रह रहे हैं। राबड़ी आवास में फिलहाल लालू यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव और उनकी फैमिली रहती है। रोते-रोते रोहिणी ने छोड़ा था राबड़ी आवास इससे पहले 15 नवंबर की देर रात लालू यादव को किडनी देने वाली बेटी रोहिणी ने रोते-रोते राबड़ी आवास भी छोड़ दिया था। पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में रोहिणी ने कहा, ‘मेरा कोई परिवार नहीं है। उन्होंने ही मुझे परिवार से निकाला है। सारी दुनिया सवाल कर रही है कि पार्टी का ऐसा हाल क्यों हुआ है, लेकिन उन्हें जिम्मेदारी नहीं लेनी है।’ तेजस्वी यादव के करीबी संजय यादव और रमीज पर दबाव बनाने का आरोप लगाते हुए रोहिणी ने कहा- ‘ये सवाल अब तेजस्वी यादव से पूछिए। सवाल पूछोगे तो गाली दी जाएगी, चप्पल से मारा जाएगा।’ 2005 में भी लालू परिवार को मिला था नोटिस 24 नवंबर 2005 को नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बन चुके थे। सत्ता से बेदखल राबड़ी देवी को अब मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास 1 अणे मार्ग खाली करना था। राबड़ी देवी के लिए 10, सर्कुलर रोड आवास आवंटित किया गया था। उन्हें मुख्यमंत्री आवास खाली करने के लिए एक नोटिस मिल चुका था, लेकिन उन्होंने तय समय में CM हाउस खाली नहीं किया। तब बिहार भवन निर्माण विभाग ने राबड़ी देवी को एक बहुत ही सख्त नोटिस भेजा। इसमें लिखा था- आपको 7 दिनों के अंदर 1, अणे मार्ग आवास खाली करना होगा। आपको चेतावनी दी जाती है कि अगर आप उपरोक्त अवधि में मकान खाली नहीं करते हैं तो जबरन बेदखल किया जा सकता है। इस नोटिस के बाद राबड़ी देवी और लालू यादव की चिंता बढ़ गई। नोटिस की भाषा पर भड़क गए थे लालू उस वक्त राजद से जुड़े लोग बताते हैं कि लालू यादव और राबड़ी देवी दो कारणों से 1 अणे मार्ग आवास खाली करने में देरी कर रहे थे। उनका मानना था कि चूंकि अभी समय अच्छा नहीं (खरमास) चल रहा है, इसलिए 14 जनवरी के बाद नए आवंटित भवन में जाना ठीक रहेगा। दूसरा कारण ये था कि राबड़ी देवी को आवंटित 10, सर्कुलर रोड आवास में अभी मरम्मत का काम चल रहा था। नोटिस में जिस तरह के शब्दों (चेतावनी, जबरन बेदखल) का प्रयोग किया गया था, उससे लालू यादव बेहद नाराज हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश कुमार सत्ता में आते ही बदले की भावना से काम कर रहे हैं।
Source link