
Samrat Chaudhary: बिहार की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में इन दिनों ‘एनकाउंटर’ और ‘सख्ती’ की गूंज सुनाई दे रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर अब तक का सबसे कड़ा रुख अपना लिया है। हाल ही में पटना के अधिवेशन भवन में हुई एक मैराथन बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी डीएम, एसपी और डीजीपी को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि अपराधियों के साथ किसी भी तरह की नरमी न बरती जाए।
मुख्यमंत्री ने बैठक में केवल लाठी और बंदूक के दम पर नहीं, बल्कि आधुनिक पुलिसिंग पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि अपराध के मामले में अब कोई समझौता नहीं होगा। मुख्यमंत्री ने पुलिस को AI और आधुनिक टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर अपराधियों पर नकेल कसने को कहा है। उन्होंने केवल अपराधी ही नहीं, बल्कि भ्रष्ट अधिकारियों को भी चेतावनी दी है कि जनता की योजनाओं में बाधा डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
सीवान और भागलपुर एनकाउंटर के बाद एक्शन
सीवान में बीजेपी नेता के रिश्तेदारों पर फायरिंग करने वाले आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एनकाउंटर किया। वहीं, भागलपुर के सुल्तानगंज में एक कार्यपालक पदाधिकारी की हत्या के आरोपी को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया।
इन दोनों एनकाउंटरों को सरकार की ‘हंटर वाली नीति’ के तौर पर देखा जा रहा है। बीजेपी विधायक संजय सिंह ‘टाइगर’ ने इस पर कड़ा बयान देते हुए कहा, “अगर अपराधी गोली चलाएगा, तो पुलिस उस पर फूल नहीं बरसाएगी।”
“अपराध छोड़ो या बिहार”- संजय सरावगी
सरकार के इस बदले हुए तेवर को बीजेपी नेताओं के बयानों से और मजबूती मिली है। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने दो टूक शब्दों में कहा कि अपराधियों को पाताल से भी खोज निकाला जाएगा। वहीं, मंत्री मंगल पांडे ने स्पष्ट किया कि सरकार का विजन साफ है, बिहार को अपराध मुक्त बनाना।
संजय सरावगी ने कहा, “अपराधी अब अपराध छोड़ें या बिहार छोड़ें, उनकी कोई खैर नहीं है। पुलिस उन्हें पाताल से भी खोज निकालेगी।” वहीं, सख्ती के साथ-साथ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पुलिस को मानवीय चेहरा बनाए रखने की भी नसीहत दी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि आम जनता के बीच पुलिस का भरोसा बढ़ना चाहिए।