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पूर्णिया में बुधवार रात भारी बारिश हुई। करीब 3 घंटे तक चली तेज हवा, गरज और मूसलाधार बारिश ने शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक जनजीवन प्रभावित कर दिया। कई जगहों पर सड़कों पर पानी भर गया, निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन गई। लोगों को आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बुधवार सुबह से ही आसमान बादलों से पूरी तरह ढके रहे। दिन भर तेज और ठंडी हवा बहती रही। देर शाम बाद बारिश लगातार तीन घंटे तक होती रही, जिससे कई इलाकों में सड़क से लेकर गलियों में बारिश का पानी भर गया। शहर के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात खराब हो गए। स्थानीय निवासी अनुरुद्ध मेहता ने बताया कि आंधी और बारिश से खेतों में लगी मक्के की फसल गिर गई है। कई जगह पानी भर जाने से फसल खराब हो गया है। कोई जानी नुकसान की खबर नहीं मौसम विभाग ने पहले ही इसको लेकर अलर्ट जारी कर दिया था। 30 अप्रैल को पूर्णिया के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इससे पहले संभावित तेज बारिश को देखते हुए रेड अलर्ट भी जारी किया गया था। करीब चार साल बाद प्री-मानसून इस तरह सक्रिय नजर आ रहा है। बारिश के चलते कई जगहों पर बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई है। प्रशासन की टीमें हालात सामान्य करने में जुटी हुई है। हालांकि राहत की बात ये है कि अब तक किसी बड़े हादसे या जनहानि की सूचना नहीं है। लोगों से सावधानी बरतने की अपील मौसम वैज्ञानिक राकेश कुमार ने बताया कि इसके पीछे पश्चिमी विक्षोभ की बड़ी भूमिका है, जिसका असर 30 अप्रैल तक बना रह सकता है। इस बार प्री-मानसून काफी एक्टिव है। पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण पूर्णिया और सीमांचल क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश की स्थिति बनी है। अगले 24 घंटे तक मौसम ऐसा ही रह सकता है, लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
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