Newswahni

बिहार में शराबबंदी के साल लाख गिरफ्तारी लाख केस डिप्टी बोले जो लोग शराब पीते हैं उन्हीं को कानून से परेशानी…




बिहार सरकार के मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिप्टी सीएम और मद्य निषेध विभाग के मंत्री विजेंद्र यादव मौजूद थे। वे आज शराबबंदी कानून को लेकर पूछे गए सवालों पर घिरते नजर आए। पत्रकारों ने जब मंत्री से पूछा कि, बिहार में शराबबंदी के बावजूद शराब कैसे पहुंच रही है? इस सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि, ब्रिटेन में 200 साल पहले हत्या रोकने के लिए कानून बना था, लेकिन क्या वहां हत्याएं बंद हो गईं? डोनाल्ड ट्रंप की दावत में भी गोली चली थी। अपराध हर जगह होते हैं, लेकिन कार्रवाई भी होती है।’ मंत्री ने आगे कहा कि, जो लोग शराब पीते हैं, उन्हीं को इस कानून से परेशानी है। अगर गांवों में जाकर महिलाओं से पूछा जाए तो वे बताएंगी कि शराबबंदी के बाद उनकी जिंदगी में काफी सुधार आया है और परिवारों की स्थिति बेहतर हुई है।’ बातचीत के दौरान मंत्री ने पत्रकारों से भी सवाल किया कि, ‘आखिर दिक्कत किस बात की है? जिन्हें इस कानून से परेशानी है, इसका मतलब है कि वे शराब पीते हैं।’ बिहार सरकार की रिपोर्ट में डबल अचीवमेंट इस दौरान विभाग की नई रिपोर्ट में दो बड़ी उपलब्धियां सामने आई हैं। एक ओर शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई की गई है। दूसरी ओर निबंधन विभाग ने राजस्व वसूली में नया रिकॉर्ड बनाकर राज्य की आय बढ़ाने में बड़ी सफलता हासिल की है। सरकार का दावा है कि तकनीक और पारदर्शी व्यवस्था की बदौलत कानून व्यवस्था और राजस्व संग्रह दोनों में बेहतर परिणाम मिले हैं। शराबबंदी कानून के तहत लाखों कार्रवाई सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक, 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2026 तक शराबबंदी कानून के तहत कुल 11 लाख 37 हजार 731 मामले दर्ज किए गए। इस दौरान 17 लाख 18 हजार 58 लोगों को गिरफ्तार किया गया। यह आंकड़े बताते हैं कि राज्य में शराबबंदी कानून को लागू कराने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। तकनीक के सहारे तस्करी पर नकेल शराब तस्करी रोकने के लिए सरकार आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर रही है। दियारा और नदी क्षेत्रों में निगरानी के लिए 42 ड्रोन और 12 स्पीड मोटर बोट लगाए गए हैं। इसके अलावा राज्यभर में 84 चेक पोस्ट बनाए गए हैं, जिनमें 67 अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट हैं। सभी चेक पोस्ट सीसीटीवी कैमरों से लैस हैं। मार्च 2026 तक जब्त अवैध शराब का लगभग 98 प्रतिशत हिस्सा नष्ट किया जा चुका है। निबंधन विभाग ने बनाया कमाई का नया रिकॉर्ड निबंधन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 8,403.46 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रह किया, जो अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है। सरकार ने 8,250 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय किया था, लेकिन विभाग ने लक्ष्य से अधिक 101.86 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की। यह प्रदर्शन विभाग की बेहतर कार्यप्रणाली और डिजिटल व्यवस्था को दर्शाता है। राजस्व वसूली में पटना अव्वल, दानापुर सबसे आगे राजस्व वसूली के मामले में पटना जिला पहले स्थान पर है। इसके बाद अरवल और औरंगाबाद का स्थान है। वहीं, निबंधन कार्यालयों में दानापुर ने सबसे बेहतर प्रदर्शन करते हुए 134 प्रतिशत राजस्व प्राप्ति दर्ज की, जो पूरे राज्य में सबसे अधिक है। रजिस्ट्री प्रक्रिया हो रही पूरी तरह डिजिटल सरकार रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए तेजी से डिजिटाइजेशन कर रही है। ई-निबंधन पोर्टल के जरिए लोग घर बैठे ऑनलाइन अपॉइंटमेंट ले सकते हैं, शुल्क जमा कर सकते हैं और दस्तावेज डाउनलोड कर सकते हैं। विभाग ने 1995 से 2026 तक के करीब 2.34 करोड़ दस्तावेजों को डिजिटल कर दिया है। ‘बिहार निबंधन नियमावली 2026’ लागू होने के बाद रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी तरह पेपरलेस हो जाएगी। महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष सुविधा सरकार महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों को विशेष सुविधाएं दे रही है। महिलाओं के नाम जमीन की रजिस्ट्री कराने पर निबंधन शुल्क में 0.4 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। वहीं, 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों के लिए घर जाकर रजिस्ट्री करने की सुविधा शुरू की गई है, जिससे उन्हें कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। अगले साल 10 हजार करोड़ का लक्ष्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 10,000 करोड़ रुपये राजस्व संग्रह का लक्ष्य रखा है। इसके लिए GIS तकनीक, मोबाइल ऐप और ई-फाइलिंग व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, भ्रष्टाचार घटेगा और आम लोगों को बेहतर सुविधा मिलेगी।



Source link

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

🏠
Home
🎬
मनोरंजन
💰
धन
🌦️
मौसम
📢
Latest News
×
Scroll to Top