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भारतीय जनता पार्टी ने आज बीआईए सभागार में भामाशाह की जयंती मनाई। इस कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा, तारकिशोर प्रसाद सहित तमाम भाजपा के नेता मौजूद रहे। बिहार से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता भी शामिल हुए। कार्यक्रम में भामाशाह के जीवन-दर्शन, त्याग, राष्ट्रभक्ति और समाजसेवा के मूल्यों पर विस्तार से चर्चा की गई। संजय सरावगी ने कहा कि भामाशाह ने अपने समय में राष्ट्र और स्वाभिमान की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया था। उनके आदर्श आज भी समाज को दिशा देने वाले हैं। नई पीढ़ी को उनसे प्रेरणा लेने की जरूरत है। ऐसे महापुरुषों की जयंती को केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जन-जागरूकता और प्रेरणा के अवसर के रूप में मनाया जाना चाहिए। जन-जन तक पहुंचाए गए भामाशाह के आदर्श भाजपा पंचायती राज प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मुकेश कुमार नंदन ने बताया कि इस बार जयंती को सफल बनाने के लिए पंचायत और ग्राम स्तर तक व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया गया। समाज के सभी वर्गों को जोड़ने का प्रयास किया गया, जिससे कार्यक्रम में उत्साह और सहभागिता दोनों देखने को मिले। उन्होंने कहा कि भामाशाह के त्याग और दान की परंपरा को समाज में जीवित रखना जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने की भावना से प्रेरित हो सकें। बीआईए हॉल में ‘मन की बात’ का भी हुआ आयोजन इसी अवसर पर भाजपा द्वारा बीआईए हॉल में आम लोगों और कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड को सुना गया। ‘मन की बात’ सुनने के बाद संजय सरावगी ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह संवाद देशवासियों में कर्तव्यबोध, राष्ट्रप्रेम और सकारात्मक सोच को सशक्त करता है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम प्रत्येक नागरिक को नए संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है और समाज के सर्वांगीण विकास की दिशा तय करता है। छात्राओं और महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर सरावगी ने बताया कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में गणित ओलंपियाड में छात्राओं के शानदार प्रदर्शन का उल्लेख कर उनका उत्साह बढ़ाया। साथ ही, उत्तर-पूर्व भारत में बांस उद्योग के विस्तार की चर्चा करते हुए महिलाओं के सशक्तिकरण के नए अवसरों को रेखांकित किया। बांस आधारित उद्योग आज लाखों लोगों के रोजगार का आधार बन चुका है और इसमें महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। रिन्यूएबल एनर्जी, नवाचार और जनगणना पर जोर ‘मन की बात’ के दौरान प्रधानमंत्री ने रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में देश की उपलब्धियों, सिविल न्यूक्लियर प्रोग्राम और नवाचार के क्षेत्र में हो रही प्रगति का भी उल्लेख किया। उन्होंने 2027 की जनगणना को सफल बनाने की अपील करते हुए इसे केवल सरकारी कार्य नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी बताया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में महात्मा बुद्ध के शांति संदेशों का उल्लेख किया। साथ ही कच्छ के रण में फ्लेमिंगो पक्षियों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवास को बचाने की जरूरत पर भी जोर दिया।
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